बुधवार, 24 अक्तूबर, 2007 को 18:59 GMT तक के समाचार
अधिकारियों का कहना है कि पिछले गुरुवार को कराची में बेनज़ीर भुट्टो की रैली में हुए विस्फोट की जाँच कर रहे मुख्य जाँचकर्ता मंज़ूर मुग़ल को हटा दिया गया है.
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के समर्थकों का आरोप था कि आठ साल पहले जब पुलिस ने बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ ज़रदारी को प्रताड़ित किया था तो वहाँ मंज़ूर मुग़ल मौजूद थे.
सिंध के सरकारी अधिकारियों का कहना है कि मंज़ूर मुग़ल ने अपने आपको इस 'मामले से अलग कर लिया' है.
पिछले गुरुवार को जब बेनज़ीर भुट्टो जब आठ साल के निर्वासन के बाद पाकिस्तान लौटी थीं तो उनके स्वागत की रैली में दो विस्फोट हुए थे.
इस विस्फोट में 130 से अधिक लोग मारे गए थे और इससे भी अधिक घायल हुए थे.
भरोसा
सिंध के गृहसचिव ग़ुलाम मोहम्मद मोहतरम ने कहा, "बेनज़ीर भुट्टो के समर्थकों ने जब मुख्य जाँचकर्ता की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए तो मंज़ूरम मुग़ल ने अपने आपको इस मामले से अलग कर लिया है."
उन्होंने कहा, "मंज़ूर मुग़ल के अलग होने के बाद अब जाँच टीम का पुनर्गठन किया जाएगा."
इससे पहले बेनज़ीर भुट्टो और उनकी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के उनके समर्थक आरोप लगा चुके हैं कि इस विस्फोट के पीछे पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लोग भी थे.
सरकार बेनज़ीर भुट्टो की इस माँग को ख़ारिज कर चुकी है कि विस्फोट की जाँच में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सहायता ली जाए.
सिंध के गृहसचिव का कहना है कि उन्हें मंज़ूर मुग़ल की क़ाबिलियत और ईमानदारी पर शक नहीं है.
उनका कहना था कि यह निर्णय सिर्फ़ इसलिए किया गया है ताकि जाँच पर पक्षपात के आरोप न लगें.