गुरुवार, 25 अक्तूबर, 2007 को 11:27 GMT तक के समाचार
हफीज़ चाचड़
कराची से
पाकिस्तान के विवादास्पद बल्तिस्तान की रानी ने इस इलाक़े के लिए आज़ादी की माँग की है.
इसकी वजह बताते हुए रानी ने कहा है कि पिछले साठ साल में वहाँ के लोगों को न तो उनके हक़ मिले हैं और न ही उनसे किए गए वादे पूरे हुए हैं.
उधर पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने बल्तिस्तान सहित उत्तरी पहाड़ी इलाक़ों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा भी की है.
भारत एक तरफ़ बल्तिस्तान को जम्मू कश्मीर का हिस्सा बताता है तो दूसरी ओर पाकिस्तान उसे अपना अटूट हिस्सा होने का दावा करता है.
बल्तिस्तान की सीमा एक तरफ़ भारत प्रशासित कश्मीर के कारगिल इलाक़े से लगती है तो दूसरी तरफ़ चीन से.
पाकिस्तान में बल्तिस्तान, गिलगित और चित्राल को 'नॉर्दर्न एरियाज़' के नाम से जाना जाता है और ये इलाक़े आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं हैं बल्कि विवादास्पद कश्मीर का हिस्सा हैं.
बल्तिस्तान की रानी मलिका बल्तिस्तानी ने बुधवार को कराची में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पहले बल्तिस्तान एक स्वतंत्र राज्य था लेकिन विभाजन के बाद भारत के साथ जुड़े रहने के बजाय मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व वाले पाकिस्तान में रहने का फैसला किया गया था.
उन्होंने कहा, “हम कभी भी कश्मीर का हिस्सा नहीं रहे, पाकिस्तान ने एक अलग राज्य बनाकर आज़ाद कशमीर का नाम दिया और भारत ने कश्मीर को अपने संविधान और संसद में जगह दी.”
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने बल्तिस्तान को एक प्रांत की हैसियत देने के बजाय इसकी सत्ता सीधे राजधानी इस्लामाबाद से चला रही है जिससे हमारे लोगों को कोई अधिकार नहीं मिल रहे.
उन्होंने कहा, “सरकार ने बल्तिस्तानियों को नौकरियों से दूर रखा है और बल्तिस्तान में जो भी लोग सरकारी नौकरी में है उनमें कोई भी बल्तिस्तानी नहीं है.”
माँग
पाकिस्तान बनने के बाद बल्तिस्तान के लोगों की माँग रही है कि इस इलाक़े को एक प्रांत बना दिया जाए लेकिन सरकार ने इस मांग को हमेशा ठुकरा दिया है.
मलिका बल्तिस्तानी ने बताया, “पहले तो हम बहुत समय तक प्रांत की माँग करते रहे, फिर आज़ाद कश्मीर की तरह और अब हमने सब कुछ छोड़ दिया है, अब हम माँग करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के अनुसार बल्तिस्तान को पाकिस्तान से अलग किया जाए.”
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने बल्तिस्तान के लिए एक विशेष संविधानिक पैकैज की जो घोषणा की है. उन्होंने तो बल्तिस्तान की जनता को बेवकूफ़ बनाया है. सरकार ने बल्तिस्तानियों को 50 साल पीछे धकेल दिया है.”
मलिका ने कहा कि जो भी हमारी प्रगति और ख़ुशहाली के लिए काम करेगा, हम उसके साथ रहेंगे. पाकिस्तान अगर बल्तिस्तानियों को अधिकार नहीं देना चाहते तो हम पाकिस्तान से अलग होना चाहते हैं.
राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने बुधवार को देश के उत्तरी इलाक़ों और बल्तिस्तान के लिए एक विशेष संविधानिक पैकैज की घोषणा की है. इस घोषणा के तहत बल्तिस्तान की हैसियत पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर जैसी हो जाएगी और बल्तिस्तान के लिए एक अलग विधानसभा बनाई जाएगी.