शनिवार, 20 अक्तूबर, 2007 को 22:28 GMT तक के समाचार
बर्मा की सैनिक सरकार ने दो प्रमुख शहरों रंगून और मांडले में पिछले महीने से लगाया गया कर्फ्यू हटा लिया है.
पिछले महीने लोकतंत्र के समर्थन में बौद्ध भिक्षुओं के प्रदर्शन के बाद इन दोनों शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया था.
रंगून में कर्फ्यू हटाने की घोषणा लाउडस्पीकरों के ज़रिए सैनिकों ने की. इसके साथ ही अधिकारियों ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत से रिहा कर दिया है लेकिन अभी भी हज़ारों की संख्या में लोकतंत्र समर्थक बर्मा की जेलों में बंद हैं.
संवाद समिति एएफपी ने एक स्थानीय नागरिक के हवाले से कहा ' मै बहुत खुश हूं कि कर्फ्यू हट गया है. इससे व्यापार और लोगों के आवागमन पर असर पड़ रहा था. '
अभी तक यह साफ नहीं है कि सरकार ने निषेधाज्ञा हटाई है या नहीं. इसके तहत एक स्थान पर पांच से अधिक लोगों के जुटने पर मनाही रहती है.
बीबीसी संवाददाता क्रिस ज़िया का कहना है कि अब बर्मा के सैनिक शासकों को लग रहा है कि स्थिति उनके नियंत्रण में है और आने वाले दिनों में सड़कों पर कोई प्रदर्शन होने वाला नहीं है.
इस घोषणा से बर्मा की सरकार पूरी दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश भी कर रही है कि देश में मानवाधिकार उल्लंघन की चिंताएं ग़लत हैं और स्थिति सामान्य है.
उधर अमरीका ने कहा है कि कर्फ्यू हटाया जाना एक ' ग़लत संकेत ' है क्योंकि इससे पता चलता है कि सरकार ने लोकतंत्र समर्थकों को कुचलने में सफलता प्राप्त कर ली है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव डाना पेरिनो ने बर्मा के सैन्य शासकों से अपील की कि वो विपक्षी नेता आंग सान सू की के साथ बातचीत करें.