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शुक्रवार, 19 अक्तूबर, 2007 को 09:07 GMT तक के समाचार

हमले की कई देशों ने कड़ी निंदा की

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के काफ़िले को निशाना बनाकर किए गए विस्फोटों की संयुक्त राष्ट्र समेत दुनिया के कई देशों ने निंदा की है.

अमरीका के विदेश विभाग और व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में हमले की कड़ी भर्त्सना की गई है.

ह्वाइट हाउस ने कहा है, ''अमरीका पाकिस्तान में हुए इस हमले की निंदा करता है और इसमें मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति शोक प्रकट करता है.''

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रवक्ता गॉर्डन जॉनड्रो ने कहा कि चरमपंथियों की कोशिश पाकिस्तानी जनता को लोकतांत्रिक तरीक़े से अपना प्रतिनिधि चुनने से रोकने की है पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा.

अमरीकी विदेश विभाग ने कहा है कि हमला एक शांतिपूर्ण राजनीतिक रैली पर हुआ है और हमारी संवेदनाएं मारे गए लोगों और उनके परिवारवालों के साथ है.

बयान में आगे कहा गया है कि कोई भी ऐसी राजनीतिक सोच नहीं है जो निर्दोष लोगों के मारे जाने को सही ठहराए.

इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में इस बात को भी रेखांकित किया है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भी इस हमले की निंदा की है.

'सुरक्षा सुनिश्चत हो'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी इस हमले में मारे गए लोगों के परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है.

उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान में राष्ट्रीय एकता की मज़बूती के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए.

उधर ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने विस्फोटों को भयावह बताते हुए कहा है कि उनकी सरकार उन सभी लोगों के साथ मिलकर काम करेगी जो पाकिस्तान में शांति और लोकतंत्र की बहाली के लिए काम करना चाहते हैं.

फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सार्कोज़ी ने पाकिस्तानी प्रशासन से अपील की है कि वह चुनाव लड़ने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे.

'लोकतंत्र के ख़िलाफ़ षड्यंत्र'

पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस हमले की निंदा की है.

सरकार समाचार एजेंसी के अनुसार परवेज़ मुशर्रफ़ ने इसे 'लोकतंत्र के ख़िलाफ़ षड्यंत्र' कहा है.

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्व और अफ़सोसनाक है.

उनका कहना था कि उन्होंने बेनज़ीर भुट्टो से बात की है और शुक्र है कि वह सुरक्षित हैं.

इस घटना पर उन्होंने कहा, "आत्मघाती हमले कोई पाकिस्तान के लिए भी अब कोई नई चीज़ नहीं हैं. जब विशेष अवसर हों तो सुरक्षा व्यवस्था भी विशेष तरह की होनी चाहिए."

बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ ज़रदारी ने कहा है कि यह सरकार में बैठे उन लोगों का काम है जिनकी हुकुमत बेनज़ीर भुट्टो की वापसी से ख़तरे में आ रही है.