शुक्रवार, 19 अक्तूबर, 2007 को 11:17 GMT तक के समाचार
कराची में पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के काफ़िले में हुए दो बम धमाकों में वो बाल-बाल बच गई हैं हालांकि इन धमाकों में काफ़िले में शामिल सौ से भी ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है.
कराची के पुलिस प्रमुख अज़हर फ़ारुक़ी ने विस्फोटों में 130 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है.
हमले के बाद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने बेनज़ीर को तुरंत वहाँ से हटाकर उनके घर पहुँचा दिया.
बेनज़ीर पर हमले की धमकियों के मद्देनज़र उन्हें कड़ी सुरक्षा दी गई थी पर इन ताज़ा धमाकों के बाद उनके घर की सुरक्षा को और पुख़्ता कर दिया गया है.
पाकिस्तान के गृहमंत्री के आफ़ताब शेरपाओ ने बीबीसी को बताया कि बेनज़ीर भुट्टो और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के दूसरे बड़े नेता सुरक्षित हैं.
धमाकों से बेनज़ीर भुट्टो के वाहन की खिड़कियों के शीशे टूट गए हैं, विस्फोट के समय बेनज़ीर भुट्टो उस वाहन के भीतर बैठी हुई थीं.
इससे पहले वह इस वाहन की छत पर खड़ी होकर लोगों का अभिवादन कर रही थीं.
सुरक्षा में सेंध
उल्लेखनीय है कि बेनज़ीर भुट्टो दोपहर को दुबई से पाकिस्तान पहुँचीं और उनके स्वागत की रैली एयरपोर्ट से शहर की ओर निकली थी.
जिस वक़्त यह धमाका हुआ, बेनज़ीर का काफ़िला मोहम्मद अली जिन्ना के मज़ार की ओर बढ़ रहा था और बेनज़ीर वहाँ पहुँचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने वाली थीं.
इस रैली में बेनज़ीर भुट्टो के लाखों समर्थक थे.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक क़रीब सात किलोमीटर के फ़ासले को तय करने में रैली को तीन घंटे से ज़्यादा का समय लग गया था और ऐसे में हमलावरों के लिए हमले को अंजाम देना आसान हो गया.
हालांकि ऐसी भी सूचना मिल रही है कि सुरक्षा कारणों से ही बेनज़ीर को सड़क के रास्ते जाने के बजाय हैलीकॉप्टर से चलने के लिए कहा गया था पर बेनज़ीर समर्थकों के साथ सड़क के रास्ते ही निकलीं.
बताया गया है कि धमाके बाद काफ़िले को रोक दिया गया और आसपास के इलाक़े की घेरेबंदी की गई है. वहाँ बम निरोधक दस्ते भेजे गए हैं.
तालेबान समर्थक चरमपंथियों ने पहले ही हमलों की धमकी दी थी और इसके मद्देनज़र कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. प्रशासन ने 'फ़ूलप्रूफ़' सुरक्षा व्यवस्था का दावा किया था.