बुधवार, 17 अक्तूबर, 2007 को 19:29 GMT तक के समाचार
निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को अमरीका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया गया है.
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने दलाई लामा को गोल्ड मैडल देकर सम्मानित किया है.
यह पहला मौक़ा है जब कोई पीठासीन अमरीकी राष्ट्रपति निर्वासित तिब्बती नेता के साथ सार्वजनिक रुप से नज़र आए हैं.
दलाई लामा ने कहा है कि इस सम्मान से तिब्बत के लोगों को ख़ुशी होगी और उनका उत्साह बढ़ेगा.
उधर दलाई लामा की अमरीका यात्रा और इस सम्मान की वजह से चीन नाराज़ है और उसने कहा है कि यह चीन के अंदरूनी मामलों में अमरीकी दखल है.
उल्लेखनीय है कि चीन की सेना ने 1951 में तिब्बत पर कब्जा कर लिया था और तब से चीन पर तिब्बत में मानवाधिकार हनन के आरोप लगते रहे हैं.
प्रतीक
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके दलाई लामा को यह पुरस्कार देते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वे 'शांति और सहनशीलता के सार्वभौमिक प्रतीक हैं'.
उन्होंने कहा कि अमरीका धर्म के आधार पर हो रहे अत्याचार के प्रति आँखें मूंदकर नहीं रह सकता.
इस कार्यक्रम से पहले उन्होंने चीन सरकार से कहा था कि वह दलाई लामा के साथ बातचीत शुरु करे.
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से चीन के साथ अमरीकी संबंधों पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा और धार्मिक स्वतंत्रता देने से चीन को ही लाभ पहुँचेगा.
हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि दलाई लामा को सम्मानित करना अमरीका का कूटनीतिक क़दम है और वह इसके ज़रिए ईरान और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चीन का सहयोग हासिल करना चाहता है.