सोमवार, 15 अक्तूबर, 2007 को 09:19 GMT तक के समाचार
बर्मा में लोकतंत्र समर्थकों का दमन रोकने की कोशिशों के तहत जहाँ एक नई अंतरराष्ट्रीय पहल शुरु हुई है वहीं संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गम्बारी ने बर्मा के सैन्य शासकों की कड़ी आलोचना की है.
बर्मा में पिछले दो महीने में लोकतंत्र बहाली के लिए आंदोलन कर रहे हज़ारों लोगों को जेलों में डाल दिया गया है और अनेक लोग मारे गए हैं.
मारे गए लोगों की संख्या के बारे में सही-सही जानकारी नहीं है और इस बारे में सिर्फ़ अनुमान ही लगाए जा रहे हैं.
यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की लक्ज़मबर्ग में बैठक हो रही है. संभावना जताई जा रही है कि इस बैठक में बर्मा के सैन्य शासकों पर प्रतिबंधों का दायरा और व्यापक किया जा सकता है.
संयुक्त राष्ट्र दूत नाराज़
लेकिन यूरोप में निर्वासित जीवन गुज़ार रहे बर्मा के लोगों की शिकायत रही है कि यूरोपीय संघ सैनिक सरकार के साथ ऊर्जा सहयोग पर प्रतिबंध नहीं लगाता.
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गम्बारी बर्मा ने शनिवार को लोकतंत्र समर्थक अहम नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कड़ी आलोचना की है.
माना जा रहा है कि उनकी यात्रा का उद्देश्य राजनीतिक संवाद की शुरुआत करना और राजनीतिक बंदियों को रिहा कराना है. गम्बारी अपने अभियान में चीन, भारत और सिंगापुर भी जाएँगे.
उनका कहना है कि ये बर्मा और संयुक्त राष्ट्र के बीच चल रहे संवाद की भावना के ख़िलाफ़ है.