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शुक्रवार, 12 अक्तूबर, 2007 को 18:08 GMT तक के समाचार

मुशर्रफ़ ने सैनिकों को ही दोषी ठहराया

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने तालेबान समर्थक चरमपंथियों के 200 से अधिक सैनिकों को बंधक बनाए जाने की घटना के लिए सैनिकों को ही दोषी ठहराया है.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा,'' मेरा ख्याल है कि उन्होंने बिना कोई सावधानी बरते सड़क की बाधा हटाने जैसे काम को ग़ैर पेशेवर तरीके से किया.''

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने इन सैनिकों की आलोचना की जबकि वे अब भी बंधक हैं. ये उनकी हताशा का संकेत माना जा रहा है.

उन्हें इस बात का पता है कि अनेक पाकिस्तानी वज़ीरिस्तान में सेना की कार्रवाई से सहमत नहीं हैं.

परवेज़ मुशर्रफ़ अब भी सेना के प्रमुख हैं और वो ये भी जानते हैं कि चरमपंथियों ने क़बायली इलाक़े के कुछ हिस्सों में नियंत्रण स्थापित कर लिया है.

ग़ौरतलब है कि इन सैनिकों का अगस्त में दक्षिणी वज़ीरिस्तान में अपहरण कर लिया गया था.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना था कि इन सैनिकों को ऊंचे स्थान पर मोर्चा जमाना चाहिए था.

इन सैनिकों बिना एक भी गोली चले बंधक बना लिया गया था.

वज़ीरिस्तान में संघर्ष

बीबीसी से बातचीत में चरमपंथियों ने कहा कि 'अधिकारी इन सैनिकों की रिहाई में बहुत कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं.'

लेकिन राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना था कि अधिकारी बातचीत और कार्रवाई दोनों रणनीति अपना रहे हैं.

उनका कहना था,'' हमें बेहतर स्थिति में आकर बात करनी चाहिए. मेरा ख्याल है कि हम रास्ता निकाल लेंगे.''

उल्लेखनीय है कि पिछले चार साल में वज़ीरिस्तान के आसपास के इलाक़े में हुए संघर्ष में लगभग एक हज़ार पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के जवान मारे गए हैं.

दूसरी ओर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ पर अमरीका लगातार दबाव डालता रहा है कि वो वज़ीरिस्तान में कार्रवाई करें.

लेकिन वज़ीरिस्तान में हवाई कार्रवाई के उल्टे परिणाम निकले हैं, इनमें कई आम नागरिकों की मौत हो गई जिससे वहाँ की जनता पाकिस्तानी सेना के ख़िलाफ़ हो गई.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना था,'' मैं यह नहीं कहता कि मैं अभियान से पूरी तरह संतुष्ट हूँ. मैं संतुष्ट नहीं हूँ, ये आंशिक रूप से कारगर रहा है, हमें इसे और बेहतर बनाने की ज़रूरत है.''