http://www.bbcchindi.com

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, अजमेर से

इस बार दरगाह के ख़ादिम नहीं मनाएंगे ईद

अजमेर में ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हुए धमाके के बाद वहाँ के ख़ादिमों ने कहा है कि इस बर्बर घटना के बाद वे इस वर्ष ईद नहीं मनाएंगे.

दरगाह में गुरुवार शाम हुए बम विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई थी और ढाई दर्जन लोग घायल हो गए थे.

यह विस्फोट ईद से दो दिन पहले हुआ है. भारत में संभवतः शुक्रवार की शाम ईद का चाँद दिख जाएगा और शनिवार को देशभर में ईद मनाई जाएगी.

हालांकि रातभर चली छानबीन के बाद पुलिस और जाँच अधिकारियों ने बताया है कि यहाँ और कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है.

लेकिन सैकड़ों वर्षों से क़ायम इस सूफ़ी दरगाह पर हुए हमले से दरगाह में सेवा करने वाले और आस्था रखने वालों को गहरी ठेस पहुँची है.

दरगाह के ख़ादिम मोमिन ने बीबीसी को बताया, "यह एक बहुत ही शर्मनाक हादसा है. पिछले 900 बरस में यहाँ ऐसा कभी नहीं हुआ था. यहाँ सभी कौम के लोग आते हैं. हम इतने दुखी हैं कि इसबार ईद नहीं मनाने का निर्णय लिया है. ईद तो ख़ुशी के लिए होती है पर हम हमले से दुखी हैं."

उधर दरगाह में शुक्रवार को अलविदा की नमाज़ के मद्देनज़र सुरक्षा के ख़ास इंतज़ाम प्रशासन की ओर से किए गए हैं.

हमले के बाद ईद और नवरात्रों के मद्देनज़र प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चाहता है और इसीलिए ख़ास बंदोबस्त किए जा रहे हैं.

दरगाह की ओर से धमाकों पर चिंता और खेद व्यक्त करने के साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे सांप्रदायिक सौहार्द और अमन-चैन बनाए रखें.

घटना के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने भी ईद और दुर्गा पूजा को देखते हुए पूरे देश में सभी राज्य सरकारों से बहुत सतर्कता बरतने को कहा है.

इधर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अजमेर में दरगाह हुए धमाकों की जाँच के आदेश दे दिए हैं.