मंगलवार, 09 अक्तूबर, 2007 को 17:41 GMT तक के समाचार
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उत्तरी वज़ीरिस्तान में पिछले तीन दिनों से इस्लामी चरमपंथियों के साथ चल रही लड़ाई में कम से कम दो सौ लोग मारे गए हैं.
वज़ीरिस्तान में पिछले चार वर्षों से सेनाएं तैनात हैं और इन सालों में यह सबसे भयंकर लड़ाई है.
पाकिस्तानी सेना ने लड़ाई के चौथे दिन हवाई हमले भी किए हैं.
सेना के अनुसार मरने वालों में 45 सैनिक भी हैं.
वज़ीरिस्तान के मीर अली इलाक़े में लड़ाई अभी भी चल रही है और स्थानीय लोगों के अनुसार बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी मारे गए हैं.
मीर अली के एक बाशिंदे ने बीबीसी को बताया कि इलाक़े की सड़कें बंद हैं और भोजन भी नहीं है. घायलों का इलाज करने के लिए डॉक्टर भी नहीं है.
विशेषज्ञों का कहना है कि अल क़ायदा और तालिबान का गढ माने जाने वाले मीर अली की यह लड़ाई इस्लामी चरमपंथ के ख़िलाफ राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की लड़ाई के लिए परीक्षा का समय है.
पिछले कुछ समय में उत्तरी वज़ीरिस्तान इलाक़े में यह सबसे बड़ी लड़ाई है जहां अमरीकी अधिकारियों के अनुसार भारी संख्या में अल क़ायदा तत्व छिपे हुए हैं.
इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि मीर अली में कई विदेशी चरमपंथी हैं जिनका संबंध अल क़ायदा या तालिबान से हो सकता है.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल वहीद अरशद ने कहा कि रविवार से जारी लड़ाई में 50 चरमपंथी ज़ख़्मी भी हुए हैं और कुछ सैनिक लापता भी हैं.
लड़ाई से प्रभावित क्षेत्र से मिल रही ख़बरों के मुताबिक दोनों ओर से हो रही गोलीबारी में कुछ आम नागरिकों की भी मौत हो गई है.
पिछले तीन दिनों से अफ़ग़ानिस्तान से 100 किलोमीटर दूर मीर अली तहसील में जारी लड़ाई में दोनों ओर से जानमाल का भारी नुक़सान हुआ है.
सेना का कहना है कि लड़ाई उस समय शुरू हुई जब चरमपंथियों ने मीर अली तहसील के खीसूरा में एक सुरक्षा चौकी पर हमला किया.
बाद में सेना ने हेलिकॉप्टर से चरमपंथियों के ठिकाने पर हमला किया. सेना का दावा है कि हमले चरमपंथियों के पाँच ठिकाने पर किए गए.
वज़ीरिस्तान को तालेबान समर्थक चरमपंथियों का गढ़ माना जाता है.
जुलाई 2007 में इस्लामाबाद में लाल मस्जिद पर हुए हमले के बाद से ही चरमपंथियों में हमले तेज़ हो गए हैं.
लाल मस्जिद अभियान के बाद उत्तरी वज़ीरिस्तान में चरमपंथियों ने शांति समझौता तोड़ दिया था.
अमरीका कहता आया है कि कि उत्तरी वज़ीरिस्तान में अफ़ग़ानिस्तान से अल क़ायदा के चरमपंथी अपना ठिकाना बना रहे हैं.