http://www.bbcchindi.com

मंगलवार, 09 अक्तूबर, 2007 को 01:40 GMT तक के समाचार

परमाणु समझौते पर बैठक फिर बेनतीजा

भारत-अमरीका परमाणु समझौते को लेकर यूपीए और वामपंथी दलों के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए बनी समिति की चौथी बैठक भी बेनतीजा ख़त्म हुई है.

इस बैठक के बाद समिति के संयोजक प्रणव मुखर्जी ने बताया कि बैठक में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी राय रखी है तय किया गया है कि समिति की अगली बैठक 22 अक्तूबर को होगी.

यूपीए-वामदलों की 15 सदस्यीय समिति की बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर मतभेद बढ़ते जा रहे हैं और मध्यावधि चुनाव की सुगबुगाहट होने लगी है.

और दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख मोहम्मद अल-बारादेई भारत के दौरे पर हैं.

विवादों के बीच बारादेई की भारत यात्रा

परमाणु मसले पर हुई बैठक के बाद वामपंथी दल मंगलवार की शाम को एक बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक में परमाणु समझौते से उपजे विवाद पर चर्चा की जाएगी.

उल्लेखनीय है कि वामपंथी दल अमरीका के साथ हुए परमाणु क़रार को देशहित के ख़िलाफ़ बताया है और सरकार से कहा है कि वह इस समझौते पर आगे क़दम न बढ़ाए.

उधर वामपंथियों के समर्थन से चल रही यूपीए सरकार इसे देशहित में बताती है.

असहमति और बयान

मंगलवार को भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के साउथब्लॉक स्थित कार्यालय में समिति की चौथी औपचारिक बैठक हुई.

'यूपीए अमरीका के दबाव में है'

इस बैठक के बाद प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात सामने रखी है और यह फ़ैसला किया गया है कि अगली बैठक 22 अक्तूबर को होगी.

उन्होंने कहा है कि इस बैठक में परमाणु समझौते का विदेश नीति और सुरक्षा सहयोग के मसलों पर होने वाले असर पर चर्चा शुरु की गई है.

चुनावों की चर्चा के बीच बैठक के बाद यूपीए के एक घटक दल के नेता और केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव ने पत्रकारों से कहा, "कोई भी चुनाव नहीं चाहता, इसलिए मध्यावधि चुनाव होने की कोई आशंका नहीं है."

'समझौते के विरोधी विकास के विरोधी हैं'

उन्होंने कहा, "परमाणु समझौते पर बातचीत चल रही है और यह चलती रहेगी."

इस बैठक से पहले प्रकाश करात ने भी कहा था कि परमाणु मसले पर चौथी बैठक कोई अंतिम बैठक नहीं है.

अनुमति नहीं

सोमवार को समिति के संचालक प्रणव मुखर्जी सोमवार को सीपीएम के नेता प्रकाश करात और सीताराम येचुरी से इस अनुरोध के साथ मिले थे कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा समिति (आईएईए) से बातचीत करने दिया जाए.

लेकिन सीपीएम नेताओं ने इसे ख़ारिज कर दिया था.

इस बीच आईएईए के प्रमुख अल बारादेई भारत पहुँच चुके हैं.

वे मंगलवार को मुंबई में परमाणु ऊर्जा केंद्र का दौरा कर रहे हैं और फिर बुधवार को उनकी मुलाक़ात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कई भारतीय अधिकारियों से होनी है.

बढ़ता मतभेद

सोमवार को वामदलों और यूपीए के बीच बढ़ते मतभेदों का एक और उदाहरण सामने आया.

सोमवार को विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी ने सीपीएम के नेता प्रकाश करात और सीताराम येचुरी से मुलाक़ात की.

प्रणव मुखर्जी ने दोनों नेताओं के सामने यह अनुरोध रखा कि सरकार को आईएईए के साथ बातचीत करने दिया जाए.

ख़बरें हैं कि प्रणव मुखर्जी ने आश्वासन दिया था कि सरकार बातचीत के हर पहलू से वामदलों को अवगत करवाती रहेगी.

इसके बाद प्रकाश करात और सीताराम येचुरी ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात की.

आख़िर इन नेताओं ने सरकार का आईएईए से बातचीत करने देने का अनुरोध ठुकरा दिया.

बाद में कांग्रेस कोर समिति की भी एक बैठक सोमवार को हुई.

सीपीआई के महासचिव एबी बर्धन ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा है कि सरकार अगर आईएईए से अनौपचारिक बात करती है तो वामपंथी दलों को कोई आपत्ति नहीं है.

उन्होंने कहा, "लेकिन अल बारादेई अपनी तकनीकी टीम लेकर बैठें और भारत सरकार अपने परमाणु विशेषज्ञों के साथ बैठकर यदि बातचीत करेगी तो दिक़्कत होगी."

उन्होंने कहा कि मतभेदों को दूर करने के लिए समिति बनी है और जब तक समिति में बातचीत चल रही है मतभेद दूर होने की संभावना बनी हुई है.