http://www.bbcchindi.com

सोमवार, 08 अक्तूबर, 2007 को 13:46 GMT तक के समाचार

अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर

सेक्स स्कैंडल मामले में फिर आया भूचाल

भारत प्रशासित कश्मीर में हाई कोर्ट ने सेक्स स्कैंडल में अभियुक्त एक मंत्री और दो विधायकों सहित आठ लोगों के ख़िलाफ़ मजिस्ट्रेट की अदालत में क़ानूनी कार्रवाई का आदेश दिया हैं.

अभियुक्तों में तीन पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं.

हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने सेक्स स्कैंडल में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आठ अभियुक्तों के ख़िलाफ़ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में कार्यवाही करने का आदेश दिया.

खंडपीठ के एक जज जस्टिस बशीर अहमद किरमानी ने सीबीआई को आदेश दिया कि वह छह सप्ताह के अंदर सारे रिकॉर्ड, सबूत और अन्य दस्तावेज़ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के सामने रखें, जो अभियुक्तों के बारे में उचित कार्रवाई तय करेंगे.

कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नज़ीर अहमद रंगा ने हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी दी. उन्होंने बताया, "जस्टिस किरमानी ने इस मामले में कुछ लोगों के नाम बताए हैं जिनके ख़िलाफ़ जाँच अधिकारी ने सबूत जुटाए हैं."

नज़ीर अहमद रंगा ने बताया कि जस्टिस किरमानी ने कुछ अभियुक्तों के नाम लिए हैं, जिनमें शामिल हैं अशकूर वानी (एसएसपी), शेख़ महमूद (एसएसपी), नियाज़ महमूद (डीआईजी), जीएच ख़ान (विधायक और पूर्व मंत्री), योगेश शाहनी (विधायक और पूर्व मंत्री), निसार अहमद शेख़, मंज़ूर नायक और हकीम अहमद यासीन (मौजूदा मंत्री).

आदेश

उन्होंने बताया कि अब मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ये तय करेंगे कि इन अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कौन-कौन सा केस बनता है.

जस्टिस किरमानी ने सीबीआई को ये भी आदेश दिया कि वह जम्मू-कश्मीर बैंक के पूर्व चेयरमैन मोहम्मद यूसुफ़ और राज्य के पूर्व सतर्कता आयुक्त राज तिकू के मामले की तेज़ गति से जाँच करे.

इसके अतिरिक्त सीबीआई को ये भी आदेश दिया गया है कि वो उस गोरे-चिट्टे कमिश्नर की पहचान करे, जिन पर एक नाबालिग लड़की के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है.

पिछले साल जब ये सेक्स स्कैंडल सार्वजनिक हुआ था तब हाई कोर्ट ने ख़ुद इसका नोटिस लिया था. तभी से अदालत इस कांड की जाँच की निगरानी कर रही है.

पिछले साल सीबीआई ने सेक्स स्कैंडल में शामिल कई अभियुक्तों के ख़िलाफ़ निचली अदालत में आरोपपत्र दाख़िल किए थे जिनमें दो राज्य मंत्री, एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, सीमा सुरक्षा बल का एक डीआईजी और कुछ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने इन अभियुक्तों के ख़िलाफ़ मुक़दमे की सुनवाई चंडीगढ़ भेज दी क्योंकि इन अभियुक्तों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि उन्हें श्रीनगर में अपनी पसंद का वकील नहीं मिल रहा है.

उन दिनों बार एसोसिएशन ने सेक्स स्कैंडल के अभियुक्तों की पैरवी न करने का फ़ैसला किया था. लेकिन इसके बावजूद इस स्कैंडल के अन्य अभियुक्तों के मामले की निगरानी हाई कोर्ट करता रहा है. हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी.