सोमवार, 08 अक्तूबर, 2007 को 10:38 GMT तक के समाचार
बारबरा प्लेट
बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी के पूर्व प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल अशफ़ाक़ कियानी को सोमवार को सेना के नए उपाध्यक्ष के रूप में शपथ दिलाई गई है.
पिछले हफ़्ते पाकिस्तान के राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने लेफ़्टिनेंट जनरल अशफ़ाक़ कियानी को सेनाध्यक्ष बनाने की घोषणा की थी.
माना जा रहा है कि अगर परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष के पद से इस्तीफ़ा दे देते हैं तो अशफ़ाक़ कियानी उनकी जगह लेंगे.
लेफ़्टिनेंट जनरल अशफ़ाक़ कियानी की छवि एक पेशेवर और समझदार सैन्य अधिकारी की है. कई बार मुश्किल हालात में परवेज़ मुशर्रफ़ ने उन पर भरोसा किया है.
हमले
जनरल कियानी ऐसे समय उपाध्यक्ष बने हैं जब पाकिस्तानी सेना को अफ़ग़ान सीमा पर कबायली इलाक़ों में चरमपंथियों के बढ़ते हमलों का सामना करना पड़ रहा है.
सेना प्रवक्ता के मुताबिक शनिवार-रविवार को हुई झड़पों में वज़ीरिस्तान में 80 लोग मारे मारे गए थे.
जुलाई में संघर्षविराम टूटने के बाद से तालेबान समर्थक चरमपंथियों ने हमले तेज़ कर दिए हैं.
इसके अलावा पाकिस्तानी के अन्य शहरों में भी आत्मघाती हमले हुए हैं.
सैनिकों के काफ़िलों पर हमलों के बाद सेना ने चरमपंथियों के ठिकानों पर हमलों के लिए हेलीकॉप्टरों और जेट लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया है लेकिन इन अभियानों को लेकर आम लोगों में ख़ासी नाराज़गी है.
कहा जा रहा है कि ये अभियान अमरीका के दवाब में चलाए जा रहे हैं.
ये भी माना जा रहा है कि निजी तौर पर भले ही कुछ मतभेद हों लेकिन आमतौर पर पाकिस्तानी सेना के उच्च अधिकारी इन अभियानों से सहमत हैं और इनमें लेफ़्टिनेंट जनरल अशफ़ाक़ कियानी भी शामिल हैं.