एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. सोमवार शाम को वे राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर से मिले और अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया.
राज्यपाल से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने इसकी जानकारी दी. भारतीय जनता पार्टी के सरकार से समर्थन वापस ले लेने से कुमारस्वारी की सरकार अल्पमत में आ गई थी.
पहले कुमारस्वामी ने 18 अक्तूबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी ताकि वे सदन में विश्वास मत हासिल कर सके. लेकिन प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर कुमारस्वामी सरकार को बर्ख़ास्त करने की मांग की.
कुछ दिनों पहले तक जनता दल (सेक्यूलर) के साथ मिलकर सरकार चलाने वाली भारतीय जनता पार्टी ने भी राज्यपाल से अनुरोध किया था कि वे सरकार को बर्ख़ास्त कर दें.
बीस महीने पहले जनता दल (एस) और भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में साझा सरकार बनाई थी. समझौते के तहत 20 महीने बाद भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनना था.
लेकिन कुमारस्वामी ने बीजेपी को सत्ता सौंपने से इनकार कर दिया. कई दिनों पहले ही दोनों पार्टियों में सत्ता हस्तांतरण को लेकर बातचीत शुरू हुई थी लेकिन बात नहीं बन पाई.
आख़िरकार बीजेपी ने कुमारस्वामी सरकार से समर्थन वापस ले लिया. उम्मीद जताई जा रही थी कि शायद कांग्रेस कुमारस्वामी सरकार को अपना समर्थन दे दे लेकिन सोमवार को कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि वह जनता दल (एस) को समर्थन नहीं देगी.
इस बीच राज्य में इस तरह की अटकलें भी जारी हैं कि जनता दल (एस) और बीजेपी में सरकार के गठन को लेकर फिर से बातचीत शुरू हुई है लेकिन दोनों पार्टियों के नेता इस पर खुल कर कुछ नहीं कर रहे और ना ही इसकी पुष्टि ही कर रहे हैं.