बुधवार, 03 अक्तूबर, 2007 को 10:58 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में विवादास्पद लाल मस्जिद सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद बुधवार को फिर से खोल दी गई है.
सुप्रीम कोर्ट ने लाल मस्जिद को खोलने का फ़ैसला मंगलवार को दिया था. दो जजों वाले पैनल ने सरकार को आदेश भी दिया है कि वह सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान मारे गए लोगों को समुचित मुआवज़ा दे.
डीप्टी एटॉर्नी जनरल राजा मोहम्मद इरशाद ने समाचार एजेंसियों को बताया कि सरकार को यह भी आदेश दिया गया है कि लाल मस्जिद के पास ही एक साल के भीतर एक इस्लामी स्कूल खोला जाए.
राजा मोहम्मद इरशाद ने एपी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अस्थाई इमाम के तौर पर एक नए मौलवी को नियुक्त किया है और अधिकारियों को बुधवार को मस्जिद आम नमाज़ के लिए खोलने का आदेश दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने यह फ़ैसला उन लोगों के रिश्तेदारों की याचिकाओं पर सुनाया है जो लाल मस्जिद पर जुलाई में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए थे.
इन रिश्तेदारों ने सरकारी बयान को भी ग़लत बताया है कि लाल मस्जिद में चरमपंथी छुपे हुए थे.
दस जुलाई को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने लाल मस्जिद पर धावा बोलकर वहाँ छुपे कथित चरमपंथियों को निकालने की कोशिश की थी. उस कार्रवाई में इस्लामी स्कूल की इमारत भी ध्वस्त हो गई थी.
उस कार्रवाई और लड़ाई में 100 से ज़्यादा लोगों की जान गई थी. लाल मस्जिद के प्रमुख मौलवी अब्दुल अज़ीज़ को गिरफ़्तार कर लिया गया था जब वह बुर्क़ा पहनकर वहाँ से भागने की कोशिश कर रहे थे.
सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मौलाना अब्दुल अज़ीज़ के भाई अब्दुल रशीद ग़ाज़ी की मौत हो गई थी. उन्हें कट्टरंपथी माना जाता था.
लाल मस्जिद को 27 जुलाई को भी खोला गया था लेकिन कुछ ही घंटों में बंद करना पड़ा था क्योंकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने इस पर क़ब्ज़ा कर लिया था.
मस्जिद के पास ही हुए एक आत्मघाती हमले में 14 लोगों की मौत भी हुई थी. लाल मस्जिद की घटना के बाद पाकिस्तान में अनेक आत्मघाती हमले हुए थे जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है.