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मंगलवार, 02 अक्तूबर, 2007 को 13:03 GMT तक के समाचार

'बेनज़ीर और अमरीका का क़रीबी' जनरल

पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी कई अहम ओहदों पर रह चुके हैं.

बेनज़ीर भुट्टो के पहले शासनकाल के दौरान वे प्रधानमंत्री के डिप्टी मिलिटरी सेक्रेटरी भी रहे हैं.

झेलम मिलिटरी कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद जनरल कियानी ने 1971 में बलोच रेजीमेंट में कमीशंड ऑफ़िसर के तौर पर नौकरी शुरू की.

वे कमांड एंड स्टाफ कॉलेज क्वेटा और अमरीका के जनरल स्टाफ कॉलेज फ़ोर्ट लिवनॉर्थ में भी ट्रेनिंग हासिल कर चुके हैं.

वे अमरीका में पाकिस्तानी दूतावास में भी तैनात रहे हैं और बताया जाता है कि अमरीकी अधिकारियों से उनके अच्छे ताल्लुकात हैं.

आईएसआई का पूर्व प्रमुख होने की वजह से वे अल क़ायदा के चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चलाए जाने वाले अभियानों की अगुआई करते रहे हैं, पाकिस्तान में अल क़ायदा के सबसे बड़े नेता अबू फराज़ अल लिब्बी की गिरफ़्तारी उन्हीं के कार्यकाल की उपलब्धि मानी जाती है.

आईएसआई

जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ पर हुए जानलेवा हमलों की तहक़ीकात का नेतृत्व भी कियानी ने ही किया था.

पाकिस्तानी सेना पर गहरी नज़र रखने वालों का कहना है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश को पद से हटा दिया था उसके बाद जो स्थिति पैदा हुई उससे निबटने में आईएसआई नाकाम रही, जो कियानी की पहली नाकामी मानी जाती है.

जनरल कियानी के क़रीबी लोगों का कहना है कि जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इफ़्तेख़ार चौधरी को आर्मी मुख्यालय में घंटों बिठाए रखा गया था तब कई सैनिक अधिकारियों ने जस्टिस चौधरी से सख़्ती से बात की थी लेकिन कियानी चुप ही रहे थे.

हमेशा सिगरेट के साथ देखे जाने वाले जनरल कियानी को इन्फेंट्री बटालियन के कोर कमांडर रहे हैं और उन्हें काफ़ी अनुभवी अफ़सर माना जाता है.

वर्ष 2001 में जब भारतीय संसद पर हमला होने के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में बहुत गहरा तनाव था तब कियानी पाकिस्तानी सेना के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस यानी डीजीएमओ थे.

जनरल कियानी एक सैनिक ख़ानदान से आते हैं, उनके पिता भी सेना में एक नॉनकमीशंड ऑफ़िसर थे, उन्हें सेना में एक मुस्तैद व्यक्ति के रूप में जाना जाता है.

वे पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के भी प्रमुख रह चुके हैं इसलिए देश के राजनीतिक नेताओं से उनका निकट संपर्क रहा है.

गोल्फ़ खेलने के शौक़ीन कियानी पाकिस्तान गोल्फ़ फ़ेडरेशन के मौजूदा अध्यक्ष भी हैं.