मंगलवार, 02 अक्तूबर, 2007 को 03:28 GMT तक के समाचार
कर्नाटक में सत्ताधारी जनता दल (सेक्युलर) और भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन टूटने की कगार पर है.
मंगलवारो को भाजपा के मंत्री इस्तीफ़ा देने जा रहे हैं.
लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने अभी ऐसे कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वे अपना पद छोड़ रहे हैं.
सत्तारूढ़ जनता दल सेक्युलर (जेडी-एस) ने राज्य के राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्णय लेने के लिए पाँच अक्तूबर को पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक बुलाई है.
जबकि गठबंधन के बीच जो फ़ार्मूला तय हुआ था उसके अनुसार एचडी कुमारस्वामी को मंगलवार को पद छोड़ देना चाहिए जिससे कि भाजपा तीन अक्तूबर, बुधवार को अपना मुख्यमंत्री नियुक्त कर सके.
तय फॉर्मूले के तहत गठबंधन में शामिल दोनों दलों के बीच सहमति बनी थी कि पहले जेडी (एस) सरकार की अगुआई करेगी और बीस माह बाद वह मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा को सौंप देगी.
टूट के लक्षण
गठबंधन के विवादो को सुलझाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा बंगलौर में हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने सोमवार की शाम यह साफ़ कर दिया है कि सरकार के मुद्दे पर अब जनतादल (एस) से कोई बात नहीं की जाएगी.
उन्होंने कहा, "यदि जनता दल (एस) मुख्यमंत्री का पद छोड़ने को तैयार नहीं होता है तो भाजपा इस सरकार को समर्थन नहीं देगा."
उन्होंने साफ़ कर दिया है कि भाजपा तीन अक्तूबर के बाद इंतज़ार नहीं करेगी.
समाचार एजेंसी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के हवाले से कहा है कि भाजपा के सभी मंत्रियों के इस्तीफ़े उपमुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा के पास हैं और यदि दो अक्तूबर, मंगलवार की शाम तक कुमारस्वामी पद नहीं छोड़ते हैं तो सभी इस्तीफ़े उन्हें सौंप दिए जाएँगे.
हालांकि दोनों दलों ने अभी चुनाव में जाने की बात नहीं की है लेकिन सरकार के टूटने के बाद यही एक विकल्प दिखाई देता है.