सोमवार, 01 अक्तूबर, 2007 को 20:02 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
राजस्थान में अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की माँग को लेकर मंगलवार से गूजर संगठनों ने राज्यभर में जेल भरो आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है.
इसे देखते हुए राजस्थान सरकार ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं और अनेक स्थानों पर अस्थाई जेलें बनाईं गईं हैं.
राज्य के गृह मंत्री गुलाब सिंह कटारिया ने बताया कि हिंसा के पिछले अनुभव को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
संवेदनशील इलाक़ों में कार्यपालक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है.
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में 29 मई से 4 जून के बीच हुईं हिंसा में 25 लोग मारे गए थे.
इस दौरान पुलिस को बूंदी, जयपुर, दौसा, भरतपुर और सवाई माधोपुर में फ़ायरिंग करनी पड़ी थी.
जनजाति सम्मेलन
दूसरी ओर देश के प्रमुख जनजातीय नेता जयपुर में सम्मेलन कर आरक्षण कोटे में फेरबदल का विरोध कर रहे हैं.
इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे केंद्रीय मंत्री नमो नारायण मीणा ने कहा कि सरकार के पास 1100 प्रार्थनापत्र आए हैं जिनमें जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग की गई है.
केंद्रीय मंत्री मीणा का कहना था कि ये संभव नहीं है.
मंगलवार को इस सम्मेलन में ‘जयपुर घोषणा’ की जाएगी जिसमें आरक्षण और विस्थापन पर राय व्यक्त की जाएगी.
गूजरों की माँग
ग़ौरतलब है कि राजस्थान में गूजरों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में रखा गया है लेकिन वे अनुसूचित जनजाति के तहत मिलने वाली आरक्षण सुविधा की मांग कर रहे हैं.
इसको लेकर गूजर समुदाय सड़कों पर उतर आया था और उनके आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया था.
इस आंदोलन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों समेत 25 लोगों की जानें गई थीं.
राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में भी गूजर समाज के लोग इस आंदोलन से जुड़ गए थे.
इस दौरान हुए धरने-प्रदर्शनों के कारण सामान्य जनजीवन ख़ासा प्रभावित हुआ था.