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रविवार, 30 सितंबर, 2007 को 13:06 GMT तक के समाचार

तालेबान ने बातचीत की पेशकश ठुकराई

तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई की शांति वार्ता की पेशकश को फिर ठुकरा दिया है.

तालेबान के प्रवक्ता क़ारी यूसुफ़ अहमदी ने कहा कि उनका संगठन उस समय तक अफ़ग़ान अधिकारियों से बात नहीं करेगा जब तक देश में विदेशी सैनिक मौजूद हैं.

शनिवार को अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा था कि वे तालेबान को सरकार में भी शामिल करने को तैयार हैं, अगर इससे देश में शांति स्थापित होती है.

शनिवार को ही राजधानी काबुल में एक आत्मघाती हमले में 30 लोग मारे गए थे.

करज़ई की पेशकश पर तालेबान प्रवक्ता ने कहा, "तालेबान को ना तो सरकार में शामिल होने की रुचि है और ना ही उसे मंत्रिपद चाहिए. हम विदेशी सैनिकों की वापसी चाहते हैं और अपने रुख़ पर क़ायम हैं."

'बातचीत नहीं'

क़ारी यूसुफ़ अहमदी ने कहा कि जब तक विदेशी सैनिक देश में मौजूद रहते हैं, अफ़ग़ानिस्तान की सरकार से कोई बातचीत नहीं की जाएगी.

शनिवार को राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा था कि काश, वे तालेबान नेता मुल्ला उमर और क़बायली नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार से कोई संपर्क कर पाते, तो उनसे ज़रूर पूछते कि वे अफ़ग़ानिस्तान को नष्ट करने की कोशिश क्यों कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अगर देश में शांति स्थापित होती है, तो वे दोनों से मिलने और उन्हें सरकार में पद भी देने को तैयार हैं. हालाँकि उन्होंने ये ज़रूर स्पष्ट कर दिया था कि वे सैनिकों की वापसी के लिए तैयार नहीं होंगे.

तालेबान ने शनिवार को राजधानी काबुल में हुए आत्मघाती हमले की ज़िम्मेदारी ली है. इस हमले में 30 लोग मारे गए थे और कम से कम 21 घायल हुए थे.