रविवार, 30 सितंबर, 2007 को 09:54 GMT तक के समाचार
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में डीएमके के आह्वान पर सोमवार को होने वाले बंद पर रोक लगा दी है. अदालत ने इसे अनुचित ठहराते हुए कड़ी टिप्पणी भी की.
उधर डीएमके के नेता करुणानिधि ने फ़ैसले के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की है.
आम तौर पर रविवार को सुप्रीम कोर्ट बंद होता है लेकिन इस मामले पर विशेष सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बीएन अग्रवाल और पीपी नाओलेकर की खंडपीठ ने डीएमके और उसके सहयोगी दलों से कहा कि एक अक्तूबर या किसी और दिन बंद की घोषणा नहीं की जा सकती.
बंद पर अदालत के पूर्व फ़ैसलों का हवाला देते हुए खंडपीठ ने इसे ग़ैरक़ानूनी और असंवैधानिक बताया.
डीएमके ने सोमावर को सेतुसमुद्रम परियोजना के पक्ष में तमिलनाडु बंद का आह्वान किया था.
इसके ख़िलाफ़ वहाँ की विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.
विशेष सुनवाई
अदालत में दोनों पक्षों ने तीन घंटे तक अपनी-अपनी दलीलें पेश की और इस दौरान खंडपीठ ने तल्ख़ टिप्पणियाँ की.
अदालत ने कहा, "इस देश में यही समस्या है. हमें हर मामले में कड़ा रूख़ अपनाना पड़ेगा, नहीं तो बात नहीं बनेगी."
एआईएडीएमके के वकील एन ज्योति ने कहा कि उन्होंने अदालत के समक्ष बंद के दौरान आम आदमी की तक़लीफ़ों का ज़िक्र किया.
उनका कहना था कि डीएमके सेतुसमुद्रम मामले को तूल देकर तमिलनाडु में नया बखेड़ा खड़ा करना चाहती है.