शनिवार, 29 सितंबर, 2007 को 07:12 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता
कलकत्ता हाई कोर्ट ने शहर की ऐतिहासिक धरोहर विक्टोरिया मेमोरियल को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन को क़दम उठाने के आदेश दिए हैं.
न्यायालय ने धरोहर के निकट मेलों और सार्वजनिक सभाओं के आयोजन पर पाबंदी लगा दी है और लाल बत्तियों तथा कार पार्किंग की जगहों को भी हटाने का आदेश दिया है.
शहर के मुख्य बस टर्मिनल को किसी अन्य स्थान पर ले जाने के लिए छह महीने का समय दिया गया है.
विक्टोरिया मेमोरियल का निर्माण 20 वीं शताब्दी की शुरूआत में ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया की याद में किया गया था. यह कोलकाता के सबसे लोकप्रिय स्मारकों में से एक है.
आदेश का स्वागत
न्यायालय का आदेश पर्यावरणविद सुभाष दत्ता की याचिका पर आया है. दत्ता ने याचिका में कहा था कि प्रदूषण से स्मारक को नुकसान हो रहा है.
अपने आदेश में जस्टिस भास्कर भट्टाचार्य और जस्टिस आरएस बंदोपाध्याय ने कहा कि किसी भी होटल या रेस्तरां को ऐसे किसी इंधन से खाना पकाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जिससे धुआँ या भाप निकलती हो.
न्यायालय ने कहा कि खाना बनाने के लिए कुकिंग गैस जैसे स्वच्छ ईंधन का प्रयोग करना होगा.
न्यायाधीशों ने कहा कि शहर के मुख्य बस टर्मिनल को विक्टोरिया मेमोरियल से कम से कम तीन किलोमीटर दूर स्थानांतरित करना होगा.
श्री दत्त ने न्यायालय के आदेश का स्वागत किया है. उन्होंने पश्चिम बंगाल राज्य सरकार और शहर के नगर निगम प्रशासन से बिना किसी देरी के आदेश को लागू करने को कहा है.
उन्होंने कहा कि अगर 25-30 वर्षों तक यही स्थिति बनी रही तो यह ऐतिहासिक स्मारक इतिहास बन जाएगा.
श्री दत्त ने माँग की कि नुकसान के ख़तरे की वजह से विक्टोरिया मेमोरियल परिसर को सार्वजनिक और निजी कार्यक्रमों के लिए किराए पर नहीं दिया जाना चाहिए.
विक्टोरिया मेमोरियल के मैदानों को कुछ वर्ष पहले स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल के पुत्र के विवाह के लिए किराए पर दिया गया था जिसकी कड़ी आलोचना हुई थी.
विक्टोरिया मेमोरियल का निर्माण ब्रिटिश वायसराय लार्ड कर्जन ने महारानी विक्टोरिया की याद में कराया था. ऐसा कहा जाता है कि सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के मामले में ताजमहल के बाद इसका दूसरा स्थान है.