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शुक्रवार, 28 सितंबर, 2007 को 11:06 GMT तक के समाचार

वर्दी के साथ चुनाव लड़ने की अनुमति

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने अहम फ़ैसला सुनाते हुए कहा है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष के पद पर रहते हुए ही राष्ट्रपति का चुनाव लड़ सकते हैं.

जनरल मुशर्रफ़ राष्ट्रपति चुनाव के लिए गुरुवार को ही पर्चा भर चुके हैं और चुनाव छह अक्तूबर हो होने वाले हैं.

इस तरह की याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल की गई थीं कि परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष रहते हुए राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं लड़ सकते.

सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यों वाली खंडपीठ ने शुक्रवार को फ़ैसला सुनाया कि परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष रहते हुए ही राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ सकते हैं.

यह फ़ैसला खंडपीठ ने तीन के मुक़बाले छह के बहुमत से सुनाया यानी नौ सदस्यों वाली खंडपीठ के तीन जज इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ थे.

इस खंडपीठ के अध्यक्ष जज राणा भगवाना दास थे और उन्होंने ही पत्रकारों के सामने यह फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि खंडपीठ ने बहुमत से फ़ैसला दिया है कि सेनाध्यक्ष परवेज़ मुशर्रफ़ राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ सकते हैं और उनके इस अधिकार को चुनौती देने वाली याचिकाएँ ख़ारिज की जाती है.

सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद स्पष्ट हो गया है कि परवेज़ मुशर्रफ़ अब सेनाध्यक्ष रहते हुए ही राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ सकते हैं.

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि जैसे ही यह फ़ैसला सुनाया गया तो वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने "मुशर्रफ़-जाओ" के नारे लगाए.

विपक्षी नेताओं ने परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई जारी रखने के भी नारे लगाए. इस मामले में अब ध्यान विपक्षी नेताओं की तरफ़ मुड़ गया है.

वकीलों ने क़ानूनी चुनौतियों का दूसरा दौर शुरू करने की बात भी कही है.

विपक्षी दल

उधर पाकिस्तान के प्रमुख विपक्षी गठबंधन ने राष्ट्रपति पद के लिए दोबारा चुनाव लड़ने के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के फ़ैसले के विरोध में संसद का बहिष्कार करने की घोषणा की.

गठबंधन के सदस्यों ने कहा कि उसके सदस्य संसद से और प्रांतीय असेंबली से दो अक्तूबर को इस्तीफ़ा देंगे.

पेशावर में एक संवाददाता सम्मेलन में धार्मिक दलों के गठबंधन मुत्तहिदा मजलिस ए अमल के नेता फ़ज़लुर्रहमान ने कहा, "हमारे बीच इस बात पर सहमति हुई है कि संसद से इस्तीफ़ा दिया जाए."

एमएमए ऑल पार्टी डेमोक्रेटिक मूवमेंट (एपीडीएम) का प्रमुख हिस्सा है जिसका गठन मार्च में विरोध प्रदर्शनों के बाद किया गया है.

गठबंधन ने ऐसे समय में यह घोषणा की है जब राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए दोबारा पर्चा भरा है.