गुरुवार, 27 सितंबर, 2007 को 13:37 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उन विपक्षी नेताओं को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है जिन्हें पिछले सप्ताहांत गिरफ़्तार कर लिया गया था.
मुख्य न्यायाधीश इफ़्तेख़ार चौधरी ने पुलिस और सरकारी अधिकारियों को अदालत में तलब किया और यह फ़ैसला सुनाया.
इस बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है.
उनका नामांकन प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने दाखिल किया है. राष्ट्रपति का चुनाव छह अक्तूबर को होना है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी ने अदालत में हाज़िर हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा है, "न्यायालय ने उन राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया है जिन्हें शांति और व्यवस्था बनाए रखने के नाम हिरासत में ले लिया गया था."
पुलिस अधिकारी ने बताया कि न्यायालय ने इन कार्यकर्ताओं और नेताओं को बिना किसी देरी के रिहा करने का आदेश दिया है.
पिछले सप्ताहांत लगभग 200 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. सरकार ने दलील दी थी कि शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये गिरफ़्तारियाँ ज़रूरी थीं.
न्यायालय ने यह भी जानकारी माँगी कि जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों के रोकने के इरादे से इस्लामाबाद को आने वाले रास्ते बंद करने का आदेश किसने दिया.
वर्दी का मामला
सुप्रीम कोर्ट जल्दी ही इस मामले पर फ़ैसला सुनाएगा कि परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष रहते हुए राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ सकते हैं या नहीं.
वैसे परवेज़ मुशर्रफ़ ने यह घोषणा कर दी है कि राष्ट्रपति चुने जाने के बाद वह सेनाध्यक्ष का पद छोड़ देंगे.
इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता एहतेशाम उल हक़ का कहना है कि बहुत संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट परवेज़ मुशर्रफ़ को चुनाव लड़ने से न रोके.
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ पिछले कुछ दिनों में लगातार विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
सत्तारूढ़ पार्टी मुस्लिम लीग (क्यू) के महासचिव मुशाहिद हुसैन के अनुसार राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का फिर से राष्ट्रपति चुना जाना कठिन नहीं होगा.
राष्ट्रपति के पर्चा भरने के कार्यक्रम के मद्देनज़र राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. हालांकि जनरल मुशर्रफ़ ख़ुद नामांकन दाख़िल करने नहीं गए.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार इस्लामाबाद को दूसरे शहरों से आने वाली तीनों सड़कों को सील करने के आदेश दे दिए गए थे.
जनरल मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ मैदान में वकीलों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वजीउद्दीन ने भी अपना पर्चा भरा है.
अमरीका ने जनरल मुशर्रफ़ का आहवान किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि आगामी चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों.
प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ ने कहा है, "राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू) और सहयोगी दलों के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे और उन्हें पूरा भरोसा है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ यह चुनाव जीत जाएंगे."
पाकिस्तान के राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के ज़रिए नहीं होता है बल्किन संघीय और प्रांतीय एसेंबलियों के सदस्य उसका चुनाव करते हैं.
पाकिस्तान के एटॉर्नी जनरल मलिक मोहम्मद क़य्यूम ने इन ख़बरों का खंडन किया है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ऐसी कोई योजना बना रहे है कि अगर वे दोबारा नहीं चुने जाते हैं तो वे मार्शल लॉ लागू कर देंगे.