बुधवार, 26 सितंबर, 2007 को 22:06 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ गुरुवार को राष्ट्रपति पद के लिए पर्चा भरेंगे. सत्तारूढ़ पार्टी मुस्लिम लीग(क्यू) का कहना है कि जनरल मुशर्रफ़ के पास जीतने के लिए पर्याप्त मत हैं.
राष्ट्रपति के पर्चा भरने के कार्यक्रम के मद्देनज़र राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के ख़िलाफ पिछले कुछ दिनों में लगातार विरोध प्रदर्शन हुए हैं और आशंका है कि कल भी प्रदर्शन हो सकते हैं.
इससे पहले मुस्लिम लीग क्यू के महासचिव मुसाहिद हुसैन के अनुसार राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का फिर से राष्ट्रपति चुना जाना कठिन नहीं होगा.
परवेज़ मुशर्रफ़ गुरूवार को कितने बजे अपना पर्चा भरेंगे यह अभी तय नहीं है लेकिन आधिकारिक रुप से पर्चा भरने के लिए आज ही का दिन तय किया गया है.
वैसे मुशर्रफ़ के वक़ीलों की तरफ से मंगलवार को अदालत में यह दलील दी थी कि अगर राष्ट्रपति दुबारा नहीं चुने जाते तो वो सेनाध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे.
पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय को यह फ़ैसला करना है कि क्या मुशर्रफ़ दोनो पदों पर रहते हुए चुनाव लड़ सकते हैं.
परवेज़ मुशर्रफ़ इस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति पद के साथ-साथ सेनाध्यक्ष का पद भी संभाल रहे हैं.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ पर अमरीका की तरफ से भी इस बात का दबाव है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों.
चुनाव
सैन्य शासन के विरोध में लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच आने वाले दिनों में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने हैं.
सुप्रीम कोर्ट के कड़े रवैये को देखते हुए राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने वादा किया था कि अगर वो फिर राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाते हैं तो वो सेनाध्यक्ष पद छोड़ देंगे.
पाकिस्तान के अटार्नी जनरल मोहम्मद कयूम ने मंगलवार को राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की योजनाओं के बारे में अदालत को जानकारी दी थी.
उन्होंने कहा,' ये बिल्कुल साफ़ है कि अगर वो राष्ट्रपति पद के लिए नहीं चुने गए तो सेनाध्यक्ष बने रहेंगे.'
कयूम ने इन ख़बरों को ग़लत बताया कि अगर मुशर्रफ़ चुनाव नहीं जीत पाते तो देश में मार्शल लॉ लगा दिया जाएगा.
उन्होंने साफ़ कहा, 'कोई मार्शल लॉ नहीं लगेगा. कोई आपातकाल नहीं लगाया जाएगा.'
अटार्नी जनरल मोहम्मद कयूम के बयान की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की गई.
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विपक्षी सांसद इमरान खान का कहना था कि मुशर्रफ़ ने पूरे देश को बंदूक की नोक पर बधक बना रखा है.