मंगलवार, 25 सितंबर, 2007 को 09:48 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति बहाल करने के लिए किसी न किसी समय तालेबान को भी प्रक्रिया में शामिल करने की ज़रूरत पड़ेगी.
लंदन में लेबर पार्टी के सम्मेलन के दौरान अलग से आयोजित एक बैठक में डेस ब्राउन कहा कि समस्या का कोई भी समाधान "इस्लाम आधारित" होना चाहिए.
ब्राउन ने कहा कि तालेबान को शामिल किया जाना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि वे वहाँ से कहीं और नहीं जाएंगे और ब्रिटेन को अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में एक दृढ़ संकल्प दिखाना होगा और इसमें काफ़ी समय भी लग सकता है.
प्रगतिशील एजेंडा
ग़ौरतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटेन के लगभग साढ़े सात हज़ार सैनिक तालेबान से लड़ाई कर रहे हैं और लगभग साढ़े पाँच हज़ार सैनिक इराक़ में तैनात हैं.
डेस ब्राउन ने लेबर पार्टी के सम्मेलन में आयोजित एक बैठक में प्रतिनिधियों से कहा, "ये ऐसी चुनौतियाँ हैं जिनका सामना करने के लिए धैर्य और दृढ़ संकल्प की ज़रूरत होती है और अगर हम ये नहीं दिखा सकें तो हमें इस तरह की चुनौतियों को नहीं लेना चाहिए. इनमें से कुछ चुनौतियों से निपटने में दशकों और कुछ में तो पीढ़ियों तक का समय लग सकता है."
हालाँकि ब्राउन ने कहा कि ज़रूरी नहीं कि यह संकल्प सिर्फ़ सैनिक ही हो सकता है. साथ ही उन्होंने कहा कि लेबर पार्टी को रक्षा मामलों में एक प्रगतिशील एजेंडा अपनाना होगा.
उन्होंने कहा, "ऐसे बहुत से अहम सवाल हैं जो हमें एक पार्टी के रूप में अपनी रक्षा नीति से संबंध के बारे में ख़ुद से ही पूछने चाहिए और उनसे भी जिनसे हम इन नीतियों को लागू करने के लिए कहते हैं."