मंगलवार, 25 सितंबर, 2007 को 20:36 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के वकीलों का कहना है कि अगर राष्ट्रपति पद के लिए दोबारा उनका चुनाव नहीं होता है तो वो सेनाध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे.
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में मुशर्रफ़ के वकीलों ने सेनाध्यक्ष पद छोड़ने की शर्तों के बारे में स्पष्टीकरण दिया.
कोर्ट को यह फ़ैसला करना है कि क्या मुशर्रफ़ दोनो पदों ( राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष) पर रहते हुए चुनाव लड़ सकते हैं.
इससे पहले सोमवार को अमरीका ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से कहा था कि वो यह सुनिश्चित करें कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों.
विरोध प्रदर्शन
सैन्य शासन के विरोध में लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच आने वाले दिनों में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने हैं.
सुप्रीम कोर्ट के कड़े रवैये को देखते हुए राषट्रपति मुशर्रफ़ ने वादा किया था कि अगर वो फिर राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाते हैं तो वो सेनाध्यक्ष पद छोड़ देंगे.
अटार्नी जनरल मोहम्मद कयूम ने मंगलवार को राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की योजनाओं के बारे में कोर्ट में अधिक विवरण दिए.
उन्होंने कहा ' ये बिल्कुल साफ है कि अगर वो राष्ट्रपति पद के लिए नहीं चुने गए तो सेनाध्यक्ष बने रहेंगे.'
कयूम ने इन ख़बरों का खंडन किया कि अगर चुनाव के बारे में उनकी योजना सही नहीं रही तो राष्ठ्रपति मार्शल लॉ लगा सकते हैं.
उन्होंने कहा ' कोई मार्शल लॉ नहीं लगेगा. कोई इमरजेंसी नहीं लगाई जाएगी. '
मंगलवार को ही पाकिस्तान की सत्तारुढ मुस्लिम लीग क्यू ने कहा कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने आगामी चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है जिसका 17 सांसदों ने समर्थन किया है.
पार्टी के महासचिव मुसाहिद हुसैन ने कहा कि मुशर्रफ़ के चुने जाने के लिए पर्याप्त वोट हैं.
अटार्नी जनरल के बयान की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की है.
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विपक्षी सांसद इमरान खान का कहना था कि मुशर्रफ़ ने पूरे देश को बंदूक की नोक पर बधक बना रखा है.