सोमवार, 24 सितंबर, 2007 को 20:39 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में विपक्षी नेताओं की गिरफ़्तारी पर अमरीका ने 'गंभीर चिंता' जताई है. अमरीका का कहना है कि राष्ट्रपति चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए.
अमरीकी दूतावास ने अपने एक बयान में कहा है कि पाकिस्तान में हाल की गतिविधियाँ बेहद चिंताजनक रही हैं.
ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब इस्लामाबाद में पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के बाहर पुलिस और विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई हैं.
सुप्रीम कोर्ट में जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ की दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी के ख़िलाफ़ कई याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है.
जनरल मुशर्रफ़ ने वादा किया है कि राष्ट्रपति चुने जाने के बाद वो सेना प्रमुख का पद छोड़ देंगे.
सतर्कता
सोमवार को इस्लामाबाद में सुप्रीम कोर्ट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी.
पंजाब और सूबा सरहद के बीच आने-जाने वालों की तलाशी ली जा रही थी. इसके बावजूद प्रदर्शन हुए और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस दौरान 20 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार कर लिया गया.
इससे पहले रविवार को पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने विपक्ष के चार प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन नेताओं को अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनज़र अस्थाई रूप से हिरासत में लिया गया है.
ये चारों नेता विपक्षी पार्टियों के गठबंधन के सदस्य हैं जिसने परवेज़ मुशर्रफ़ के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन का आयोजन किया है.
ऐसी ख़बरें हैं कि कई अन्य विपक्षी नेता गिरफ़्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गए हैं.
जिन नेताओं को हिरासत में लिया गया है, उनमें नवाज़ शरीफ़ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग के प्रभारी अध्यक्ष जावेद हाशमी और राजा ज़फर उल हक़, जमीयत उलेमा ए इस्लाम के हफीज़ हुसैन अहमद और मियाँ असलम शामिल हैं.