शनिवार, 22 सितंबर, 2007 को 12:22 GMT तक के समाचार
फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता, भोपाल से
भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रामसेतु के मुद्दे पर पारित प्रस्ताव में माँग की गई कि केंद्र सरकार राम के अस्तित्व को नकराने के लिए बिना शर्त माफ़ी माँगे और रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा दे.
भोपाल में चल रही बैठक के दूसरे दिन शनिवार को भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने प्रस्ताव पेश किया और पार्टी ने इसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया.
प्रस्ताव पारित होने के बाद मुरली मनोहर जोशी ने संवाददताओं से कहा, ''सरकार को सेतुसमुद्रम परियोजना पर सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफ़नामे को पूरी तरह से वापस लेकर बिना शर्त माफ़ी माँगनी चाहिए.''
प्रस्ताव में कहा गया है, ''सरकार ने हलफ़नामे में बड़ी निर्लज्जता से राम के अस्तित्व को नकार दिया. हलफ़नामा राष्ट्र और परंपराओं पर हमला है और वास्तव में ये उस स्वतंत्रता संग्राम का भी अपमान है, जिसका मक़सद महात्मा गाँधी के अनुसार राम राज की स्थापना करना था.''
महिलाओं को आरक्षण
इसमें आगे कहा गया है, ''सरकार को श्रीराम के घोर अनादर की ज़िम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए चल रहे कार्य को तत्काल बंद कर देना चाहिए.''
करुणानिधि की ओर से बार-बार दिए जा रहे बयानों के संदर्भ में प्रस्ताव में कहा गया है, ''भाजपा ऐसे तत्वों को चेतावनी देती है कि वे इस तरह के बयान जारी करने से बाज़ आएं.''
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में संगठन में सभी स्तर पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की सिफ़ारिश को भी स्वीकार कर लिया गया.
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने संगठन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सुषमा स्वराज के नेतृत्व में एक समिति गठित की थी.
समिति ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसे कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से मंज़ूरी दे दी.
पार्टी संविधान के मुताबिक इस सिफ़ारिश को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के समक्ष रखा जाएगा और उसकी मंज़ूरी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा.