शनिवार, 22 सितंबर, 2007 को 17:56 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का कहना है कि डीएमके और वाम दलों ने जिस तरह अनिश्चितता का माहौल बनाया है, उसे देखते हुए अगले साल जून से पहले आम चुनाव होना निश्चित है.
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान आडवाणी ने एक जनसभा में कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में भारत-अमरीका परमाणु समझौता और 'रामसेतु' का मुद्दा चुनाव प्रचार का हिस्सा होगा.
उनका कहना था, "वाम दलों और डीएमके ने मनमोहन सिंह सरकार के लिए अनिश्चितता की स्थिति पैदा की है. जो एक बात निश्चित है, वो है वर्ष 2008 के पूर्वार्ध में मध्यावधि चुनाव होना."
भाजपा नेता ने कहा कि जहाँ वामपंथी पार्टियाँ परमाणु समझौते का कड़ा विरोध कर रही हैं वहीं 'डीएमके रामसेतु को तोड़ने का हर संभव प्रयास कर अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही रही है'.
आडवाणी ने स्पष्ट किया कि परमाणु समझौते पर भाजपा का विरोध वामदलों से बिल्कुल अलग है.
उनका कहना था कि भाजपा अमरीका के साथ मधुर संबंध बनाने में विश्वास रखती है जबकि वामदल अमरीका विरोधी नीतियों पर आगे बढ़ रहे हैं.
लोकसभा में विपक्ष के नेता आडवाणी ने सेतुसमुद्रम मामले पर सुप्रीम कोर्ट में दिए गए विवादास्पद हलफ़नामे का ज़िक्र करते हुए कहा कि जिस वकील ने यह हलफ़नामा तैयार किया था उसने एक इंटरव्यू में कहा है कि हलफ़नामा 'निर्देशों' को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था.
उन्होंने कहा कि भगवान राम का अस्तित्व नकारने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को माफ़ी माँगनी चाहिए.
इस बीच पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 'रामसेतु' को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया.