बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग से जुड़े हज़ारों कर्मचारियों ने सार्वजनिक प्रदर्शनों पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया है.
ये लोग बेहतर वेतन की माँग कर रहे थे.
ये विवाद कई दिनों से चल रहा था लेकिन बात तब बड़ गई जब कर्मचारियों को पता चला कि उन्हें फ़ैक्ट्री से बाहर कर दिया गया है.
कर्मचारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस दल को तैनात किया गया था.
बांग्लादेश में कपड़ों का बड़े पैमाने पर निर्यात होता है. पिछले साल निर्यात से होने वाली कमाई का 75 फ़ीसदी हिस्सा कपड़ों के निर्यात से आया था.
पुलिस का कहना है कि शनिवार को करीब दस हज़ार लोग ढाका की सड़कों पर उतर आए. बांग्लादेश में सरकार ने आपातकाल के क़ानूनों के तहत सार्वजनिक प्रदर्शनों पर रोक लगाई हुई है.
माँगे
प्रदर्शनकारियों की माँग है कि उनका वेतना बढ़ाया जाए जिसमें सालाना बोनस भी शामिल है. बोनस की घोषणा कुछ हफ़्तों में होने वाली है.
इस विवाद में उलझी कंपनी नसार ग्रुप दुनिया भर में कपड़ों का कोराबार करती है. इसके ग्राहकों में ब्रिटेन का प्राइमार्क और अमरीका का वालमार्ट शामिल है.
नसार ग्रुप की गिनती बांग्लादेश की ऐसी कंपनियों में होती है जो कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखती है. ये पहली कंपनी थी जिसने देश में कर्मचारियों को प्रति माह 25 डॉलर की न्यूनतम वेतन देना शुरू किया था.
ऐसा पिछले साल हिंसक प्रदर्शनों के बाद हुआ था.
बांग्लादेश में मज़दूर संगठनों और यूरोप के कई गुटों ने कंपनी के मालिकों पर आरोप लगाया था कि वे कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं, ख़ासकर महिलाओं का.
लेकिन कंपनी मालिकों का कहना है कि बिज़नेस में बने रहने के लिए लागत कम रखना ज़रूरी है.