शुक्रवार, 21 सितंबर, 2007 को 11:35 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने सेना के शीर्ष पदों पर कई महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ की है.
जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने ये क़दम ऐसे समय उठाया है जब पाकिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा हो चुकी है.
साथ ही ये भी कहा गया है कि वे राष्ट्रपति पद के लिए फिर से चुने जाने के बाद सेना प्रमुख का पद छोड़ देंगे. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के क़रीबी माने जाने वाले नदीम ताज की पदोन्नति कर दी गई है.
उन्हें लेफ़्टिनेंट जनरल बनाया गया है और प्रभावशाली माने जाने वाले सुरक्षा सेवा का प्रमुख बनाया गया है.
लेफ़्टिनेंट जनरल मोहसिन कमाल को रावलपिंडी स्थित सेना की सबसे महत्वपूर्ण छावनी का कमांडर बनाया गया है.
जानकारों का कहना है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष का पद छोड़ने से पहले महत्वपूर्ण पदों पर अपने समर्थकों को नियुक्त करना चाहते हैं.
'ख़राब दौर'
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि सेना में महत्वपूर्ण पदों पर होने वाले फेरबदल पर लोगों की नज़र होती है क्योंकि पाकिस्तान के स्वतंत्र होने के बाद से वहाँ सेना ने आधे से ज़्यादा समय तक शासन किया है.
वैसे इस समय सेना के महत्वपूर्ण पदों पर होने वाली नियुक्तियों का इसलिए भी महत्व है क्योंकि मुशर्रफ़ 1999 में सत्ता में आने के बाद से इस समय बुरे दौर से गुज़र रहे हैं.
इस सप्ताह मुशर्रफ़ के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा था कि अगर परवेज़ मुशर्रफ़ फिर राष्ट्रपति पद पर चुन लिए जाते हैं तो वे सेनाध्यक्ष का पद छोड़ देंगे.
इसी सोमवार से सुप्रीम कोर्ट में उनके दो पदों पर रहने के ख़िलाफ़ याचिका पर सुनवाई हो रही है.