शुक्रवार, 21 सितंबर, 2007 को 17:24 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में कथित इस्लाम विरोधी कार्टून को लेकर शुक्रवार को भी उग्र प्रदर्शन हुए हैं.
ढाका की सड़कों पर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया, उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में इन दिनों आपातकाल लागू है और इस तरह के जन प्रदर्शनों पर रोक लगी हुई है.
कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस का घेरा तोड़ने की कोशिश की और उन्हें लाठी चार्ज का सामना करना पड़ा.
बांग्लादेश के एक प्रमुख समाचारपत्र 'प्रथमआलो' ने एक कार्टून छापा था जिसके लिए समाचारपत्र ने माफ़ी माँग ली है और संपादक को नौकरी से हटा दिया गया है.
बांग्लादेश में बहुसंख्यक आबादी मुसलमानों की है और रमज़ान का महीना होने की वजह से जुमे की नमाज़ के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जमा हो गए थे.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रदर्शनकारी नमाज़ के बाद पुलिस का घेरा तोड़कर 'प्रथमआलो' के दफ़्तर की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया.
जेल
कार्टून में एक बच्चे और मौलवी के बीच दिखाए गए संवाद को लोगों ने इस्लाम का अपमान माना गया, सरकार ने भी इस पर सहमति जताई कि कार्टून में इस्लाम धर्म का मज़ाक उड़ाया गया है.
बांग्लादेश के गृह मंत्री ने कहा कि कार्टून से मुसलमानों की धार्मिक भावना को ठेस पहुँची है.
कार्टूनिस्ट आरिफ़ुर्रहमान को इस मामले में दोषी मानते हुए एक महीने की सज़ा दी है.
बांग्लादेश में इस वर्ष के शुरू में इमरजेंसी लगा दी गई थी और चुनावों को रद्द कर दिया गया था. बांग्लादेश में सेना के समर्थन से चल रही अंतरिम सरकार का कहना है कि पहले भ्रष्ट लोगों को सज़ा दिलाने के बाद चुनाव कराए जाएँगे.