शुक्रवार, 21 सितंबर, 2007 को 05:04 GMT तक के समाचार
ज्योत्सना सिंह
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारत में 'झूठा' स्टिंग ऑपरेशन प्रसारित करने के लिए एक निजी समाचार चैनल पर एक महीने का प्रतिबंध लगा दिया गया है.
भारतीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि चैनल पर प्रसारित ख़बर 'अपमानजनक और ग़लत' थी.
हाल ही में 'लाइव इंडिया' चैनल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में दिल्ली स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय की शिक्षिका उमा खुराना पर छात्राओं की अश्लील फ़िल्म बनाने का दावा किया था.
इसके प्रसारण के बाद छात्राओं के अभिभावकों और गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया था. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को कई बार लाठीचार्ज करना पड़ा और आँसू गैस के गोले दागने पड़े थे.
बाद में पुलिस ने पूरे स्टिंग ऑपरेशन को फ़र्ज़ी बताते हुए चैनल के संवाददाता समेत चार लोगों को गिरफ़्तार कर लिया.
इस मामले में उमा खुराना भी अदालत से ज़मानत पर रिहा हो चुकी हैं.
प्रतिबंध
लाइव इंडिया पहला समाचार चैनल है जिसे भारत में प्रतिबंधित किया गया है. चैनल की दलील है कि उसके रिपोर्टर ने उन्हें गुमराह किया.
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक चैनल ने उमा खुराना मामले में ग़लत स्टिंग ऑपरेशन प्रसारित कर केबल नेटवर्क नियमन क़ानून (1995) का उल्लंघन किया है.
आदेश के तहत अगले 20 अक्तूबर तक चैनल का प्रसारण नहीं होगा.
इस मामले के पहले भी कई लोग शिकायत कर चुके हैं कि उन्हें कथित स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिए फँसाया गया है.
इसके बाद मीडिया पर निगरानी रखने की व्यवस्था के पक्ष में माँग उठ रही है.
पिछले दिनों दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि वह टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले स्टिंग ऑपरेशनों के नियमन के लिए क्या क़दम उठा रही है.
दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमके शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने प्रसारण विधेयक की मौजूदा स्थिति के बारे में भी जानकारी माँगी है.