http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 20 सितंबर, 2007 को 20:33 GMT तक के समाचार

बयान वापस नहीं लेंगे करुणानिधि

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि ने भगवान राम औप रामसेतु के बारे में अपना बयान वापस लेने की भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की माँग को ठुकरा दिया है.

उल्टे उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी को चुनौती दी है कि वे चाहें तो किसी भी मंच पर उनके साथ बैठकर रामायण पर चर्चा कर लें.

उल्लेखनीय है कि करुणानिधि ने राम को मिथक करार दिया था और कहा था कि इतिहास में राम का कोई अस्तित्व नहीं है.

इसके बाद तमिलनाडु में हिंसा की कुछ घटनाएँ हुई थीं जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी.

इसके अलावा करुणानिधि की बेटी के घर पर भी तोड़फोड़ की गई थी.

चुनौती

गुरुवार को मुख्यमंत्री करुणानिधि ने भाजपा नेता की वह माँग ठुकरा दी जिसमें कहा गया था कि करुणानिधि को राम और रामसेतु पर अपना बयान वापस ले लेना चाहिए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने पूछा, "मैंने वाल्मिकी से तो ज़्यादा कुछ नहीं कहा, जो ख़ुद रामायण के रचयिता थे. वाल्मिकी ने तो कहा है कि राम शराबी थे. क्या मैने ऐसा कहा?"

डीएमके मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए करुणानिधि ने चुनौती दी, "आडवाणी चाहें तो वाल्मिकी रामायण पूरा पढ़ने के बाद मुझसे इस पर खुली चर्चा कर लें."

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें सेतु समुद्रम की ऐसी परियोजना मंज़ूर होगी जिससे रामसेतु न टूटे, तो उन्होंने कहा कि परियोजना का मूल उद्देश्य रामसेतु को तोड़ना नहीं है.

उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ़ यह चाहता हूँ कि परियोजना जल्दी से जल्दी पूरी हो जिससे कि जहाज़ों पर होने वाला खर्च कम हो सके और व्यापार को बढ़ावा मिल सके. यह परियोजना पिछले सौ सालों से अटकी पड़ी है."

इस बीच वकीलों ने चेन्नई की एक अदालत में करुणानिधि के ख़िलाफ़ उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने की शिकायत दर्ज़ की है.

उन्होने अदालत से माँग की है कि पुलिस से इस मामले की जाँच करके रिपोर्ट देने को कहा जाना चाहिए.

अदालत ने याचिका पर सुनवाई के लिए 27 तारीख़ तय की है.

बयान

करुणानिधि ने राम को मिथक करार दिया था और कहा था कि इतिहास में राम का कोई अस्तित्व नहीं है.

बस जलाने और अपनी बेटी के घर हुई तोड़फ़ोड़ की घटना के बाद करुणानिधि ने एक बार फिर राम के अस्तित्व पर टिप्पणी की थी.

एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, "क्या राम इंजीनियर थे जो उन्होंने पुल बनाया था. राम नाम के किसी व्यक्ति का अस्तित्व नहीं है"

सेतुसमुद्रम परियोजना विवाद उठने के बाद यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है.