बुधवार, 19 सितंबर, 2007 को 23:38 GMT तक के समाचार
अमरीका के राजदूत डेविड मलफ़र्ड ने भारत सरकार को सलाह दी है कि वह परमाणु समझौते को लेकर जल्दी क़दम उठाए.
अमरीका के इस क़दम पर वामपंथी दलों ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि अमरीका इस मामले में भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.
हालांकि यूपीए सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस और भारत सरकार पर कोई दबाव नहीं डाल सकता.
उधर बुधवार को परमाणु समझौते पर बनी यूपीए-वामदलों की समिति की दूसरी बैठक में भी कोई रास्ता नहीं निकल सका है. समिति की अगली बैठक पाँच अक्तूबर को होने की संभावना है.
अमरीकी रुख़
अमरीकी राजदूत डेविड मलफ़र्ड ने बुधवार को दिल्ली में श्याम सरन से मुलाक़ात की, जो परमाणु मामले में प्रधानमंत्री के विशेष दूत हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा है कि वॉशिंगटन रवाना होने से कुछ घंटों पहले मलफ़र्ड ने इस मुलाक़ात में यह समझने की कोशिश की है कि वामपंथी दलों के विरोध के बीच समझौते को लेकर भारत सरकार का क्या रुख़ है.
एजेंसी का कहना है कि श्याम सरन से हुई मुलाक़ात में मलफ़र्ड ने सलाह दी है कि भारत को समझौते को जल्दी लागू कराने की कोशिश करनी चाहिए.
डेविड मलफ़र्ड गुरुवार को अमरीका पहुँचने के बाद बुश प्रशासन को वस्तुस्थिति की जानकारी देंगे.
उल्लेखनीय है कि समझौते को लागू करने के लिए अभी भारत को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से सुरक्षा के क़दमों को लेकर चर्चा करनी है और फिर परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों से समझौता करना है.