सोमवार, 10 सितंबर, 2007 को 22:25 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के विपक्षी दलों के संगठन ऑल पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (एपीडीएम) ने नवाज़ शरीफ़ को सऊदी अरब भेजने के सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ मंगलवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है.
इस संगठन में बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को छोड़कर कई प्रमुख दल शामिल हैं.
दूसरी ओर नवाज़ शरीफ़ स्वदेश लौटने की नाकाम कोशिश के बाद अब दोबारा सऊदी अरब के शहर जद्दा पहुँच गए हैं.
सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी एपीए के अनुसार हवाई अड्डे पर उनका स्वागत सऊदी अरब के ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख प्रिंस मुक़रिन बिन अब्दुल अज़ीज़ और अन्य अधिकारियों ने किया.
एजेंसी का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ पाकिस्तान न जाने और राजनीति न करने का वादा तोड़कर गए थे.
'अदालत की अवमानना'
नवाज़ शरीफ़ की रवानगी को उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के लोग अदालत की अवमानना के रूप में देख रहे हैं और उन्होंने अपने नेता को वापस भेजे जाने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर कर दी है.
पाकिस्तान में नवाज़ शरीफ़ को वापस भेजे जाने पर काफ़ी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं और कई विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना की है लेकिन सरकार की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है.
सिर्फ़ पंजाब के मुख्यमंत्री चौधरी परवेज़ इलाही ने कहा है कि नवाज़ शरीफ़ अपनी मर्ज़ी से आए थे और अपनी मर्ज़ी से वापस गए हैं.
नवाज़ शरीफ़ के छोटे भाई और पंजाब प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री शहबाज़ शरीफ़ उनके साथ पाकिस्तान नहीं गए थे, वे इस समय लंदन में हैं.
बीबीसी से बातचीत में शहबाज़ ने कहा कि नवाज़ शरीफ़ को धोखे से जद्दा ले जाया गया.
उनका कहना था कि जब नवाज़ शरीफ़ को ले जा रहे हवाई जहाज को उड़ते हुए डेढ़ घंटा हो गया तो उन्होंने पूछा कि इतने देर में तो कराची पहुँच जाना चाहिए तो उन्हें बताया गया कि विमान जद्दा जा रहा है.
घेराबंदी
इससे पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में नवाज़ शरीफ़ के समर्थकों को एयरपोर्ट पहुँचने से रोका गया, कई नेताओं को उनके घर में नज़रबंद कर दिया गया, उन्हें थानों में बिठाए रखा गया.
हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क की नाकेबंदी कर दी गई थी और हवाई अड्डे के आसपास मोबाइल फ़ोनों के सिग्नल बंद कर दिए गए थे.
सोमवार को इस्लामाबाद में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय सब बंद रहे और पूरे शहर में एक तनाव का माहौल रहा.
नवाज़ शरीफ़ के समर्थकों ने हवाई अड्डे पर ज़ोरदार नारेबाज़ी की और उन्होंने अपने नेता की वापसी की कड़ी आलोचना की.