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मंगलवार, 11 सितंबर, 2007 को 11:02 GMT तक के समाचार

नवाज़ का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा

पाकिस्तान के निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के समर्थकों ने देश के सुप्रीम कोर्ट में उनको सऊदी अरब निर्वासित किए जाने के फ़ैसले को क़ानूनी चुनौती दी है.

उनके एक वरिष्ठ सहयोगी ख़्वाजा आसिफ़ ने पत्रकारों को बताया कि याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया है वह सरकार को निर्देश दे ताकि नवाज़ शरीफ़ को तत्काल पाकिस्तान लौटने की इजाज़त मिले.

इसी के साथ याचिक में प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़, गृह मंत्री आफ़ताब शेरपाओ और अन्य अधिकारियों के ख़िलाफ़ कोर्ट की अवमानना का मामला चलाने का अनुरोध भी किया गया है.

शरीफ़ के साथ यात्रा के अनुभव

सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ़ ने स्वदेश लौटने की नाकाम कोशिश की थी जब वे लंदन से पाकिस्तान पहुँचे थे लेकिन उन्हें दोबारा सऊदी अरब पहुँचा दिया गया.

वे अकेले ही सऊदी अरब के शहर जद्दा पहुँचे जहाँ सुरक्षाकर्मी उनका इंतज़ार कर रहे थे, वहाँ न तो कोई भीड़ थी और न ही उनका कोई समर्थक था.

जद्दा से वरिष्ठ पत्रकार सैयद फ़ैसल अली ने बीबीसी को बताया कि उन्हें शरीफ़ पैलेस ले जाया गया, यह मकान नवाज़ शरीफ़ ने कुछ वर्ष पहले ही ख़रीदा है.

'जंग अदालत में लड़ेंगे'

पूर्व प्रधानमंत्री के समर्थकों ने इसके ख़िलाफ़ पूरे देश में प्रदर्शनों का आहवान किया है.

शरीफ़ के वकीलों का कहना है कि सरकार का ये कदम ग़ैरक़ानूनी था और ये कोर्ट की अवमानना का मामला है.

शरीफ़ के क़रीबी रिश्तेदार हम्ज़ा शरीफ़ ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "हम ये जंग आदालत में रहेंगे. हमें पूरा विश्वास है कि हमारी जीत होगी."

पाकिस्तान में तख्ता-पलट के बाद वर्ष 2000 में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ निर्वासन में चले गए थे. इसी साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि वे पाकिस्तान वापस आने के लिए आज़ाद हैं.

उधर ताज़ा घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान के सूचना उपमंत्री तारीक़ अज़ीम ख़ान का दावा था कि नवाज़ शरीफ़ ने कथित भ्रष्ट्राचार के मामले में मुकदमे का सामना करने की जगह अपनी मर्ज़ी से पाकिस्तान छोड़कर जाने को तरजीह दी.