सोमवार, 10 सितंबर, 2007 को 15:02 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ स्वदेश लौटने की नाकाम कोशिश के बाद अब दोबारा सऊदी अरब पहुँच गए हैं.
वे अकेले ही सऊदी अरब के शहर जद्दा पहुँचे जहाँ सुरक्षाकर्मी उनका इंतज़ार कर रहे थे, वहाँ न तो कोई भीड़ थी और न ही उनका कोई समर्थक.
जद्दा से वरिष्ठ पत्रकार सैयद फ़ैसल अली ने बीबीसी से बातचीत में बताया कि उन्हें शरीफ़ पैलेस ले जाया गया, यह मकान नवाज़ शरीफ़ ने कुछ वर्ष पहले ही ख़रीदा है.
नवाज़ शरीफ़ की रवानगी को उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के लोग अदालत की अवमानना के रूप में देख रहे हैं और उन्होंने अपने नेता को वापस भेजे जाने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर कर दी है.
पाकिस्तान के विपक्षी दलों के संगठन ऑल पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (एपीडीएम) ने मंगलवार को देश भर में हड़ताल का आह्वान किया है. इस संगठन में बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को छोड़कर कई प्रमुख दल शामिल हैं.
पाकिस्तान में नवाज़ शरीफ़ को वापस भेजे जाने पर काफ़ी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं और कई विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना की है लेकिन सरकार की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है.
सिर्फ़ पंजाब के मुख्यमंत्री चौधरी परवेज़ इलाही ने कहा है कि नवाज़ शरीफ़ अपनी मर्ज़ी से आए थे और अपनी मर्ज़ी से वापस गए हैं.
पत्नी की मुहिम
नवाज़ शरीफ़ की पत्नी कुलसुम नवाज़ ने बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा है कि वे पाकिस्तान जाएँगीं.
उन्होंने कहा, "मैं कोई सियासतदाँ नहीं हूँ, मैं जानती हूँ कि मैं सचाई और हक़ की बात कर रही हूँ, अल्लाह मदद करेगा, मैं इंशा अल्लाह बहुत जल्द पाकिस्तान जाऊँगी. पार्टी के लोगों से मशविरा करने के बाद कोई तारीख़ तय की जाएगी."
कुलसुम नवाज़ ने कहा कि उन्हें अंदाज़ा था कि उनके पति को या तो गिरफ़्तार कर लिया जाएगा या देश से निकाल दिया जाएगा.
नवाज़ शरीफ़ के छोटे भाई और पंजाब प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री शहबाज़ शरीफ़ उनके साथ पाकिस्तान नहीं गए थे, वे इस समय लंदन में हैं और उनका कहना है कि अपने भाई के निर्णय को मानते हुए वे लंदन में रुक रहे हैं.
रोक-टोक
इससे पहले रविवार की रात को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में नवाज़ शरीफ़ के समर्थकों को एयरपोर्ट पहुँचने से रोका गया, कई नेताओं को उनके घर में नज़रबंद कर दिया गया, उन्हें थानों में बिठाए रखा गया.
हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क की नाकेबंदी कर दी गई थी और हवाई अड्डे के आसपास मोबाइल फ़ोनों के सिग्नल बंद कर दिए गए थे.
सोमवार को इस्लामाबाद में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय सब बंद रहे और पूरे शहर में एक तनाव का माहौल रहा.
नवाज़ शरीफ़ के समर्थकों ने हवाई अड्डे पर ज़ोरदार नारेबाज़ी की और उन्होंने अपने नेता की वापसी की कड़ी आलोचना की.