सोमवार, 10 सितंबर, 2007 को 10:33 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता से
भारत के पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में पुलिस ने अलगाववादी संगठन नेशनल सोशलिस्ट ऑफ़ नगालैंड यानी एनएससीएन के पाँच सदस्यों के शव बरामद किए हैं.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये शव राजधानी कोहिमा से कुछ ही दूर जोसतोमा और ख़ोनोमा गाँवों के बीच जंगल में मिले.
मृतकों की पहचान एनएससीएन से अलग हुए धड़े इसाक-मुइव के कार्यकर्ताओं के रूप में हुई है. ये हैं 'मेजर' पीके स्टोन, उनकी पत्नी माइरेला, नानशानखुई, अहेनमी सरेओ और ईएल राइकुई.
पुलिस के अनुसार ये सभी पड़ोसी राज्य मणिपुर के नगा आदिवासी समुदाय तांगखुल से ताल्लुक रखते हैं.
एनएससीएन के प्रमुख टी मुइव भी इसी समुदाय से हैं.
आरोप
मुइव गुट ने इन हत्याओं के लिए बर्मी मूल के नगा नेता एसएस खपलांग की अगुवाई वाले गुट को ज़िम्मेदार ठहराया है.
लेकिन खपालांग गुट के प्रवक्ता इसाक सुमी ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि उनके लड़ाके इन हत्याओं में शामिल नहीं हैं.
पुलिस का कहना है कि वह इन हत्याओं में कुकी आदिवासियों के विद्रोही गुट का हाथ होने से इनकार नहीं कर रही है.
इसकी वजह ये है कि तीन सितंबर को मणिपुर में एनएससीएन के इसाक-मुइव गुट ने कुकी लिबरेशन आर्मी (केएलए) के 12 विद्रोहियों की हत्या कर दी थी.
लेकिन ख़ुफ़िया अधिकारियों का कहना है कि ख़ोनोमा और जोतसोमा के बीच के इलाक़े में पूरी तरह से अंगामी आदिवासी समुदाय के नगा रहते हैं, ऐसे में कुकी विद्रोहियों को वहाँ अपनी गतिविधियों को अंजाम देना लगभग नामुमकिन है.
ख़ुफ़िया अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इन लोगों की हत्याएँ मणिपुर में की गई होगी और फिर उनके शवों का यहाँ डाल दिया गया.
ये भी हो सकता है कि इनकी हत्या नगालैंड में खपलांग गुट की मदद से की गई हो.