शनिवार, 08 सितंबर, 2007 को 14:01 GMT तक के समाचार
दिल्ली के एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका के ख़िलाफ़ किए गए स्टिंग ऑपरेशन के मामले में निजी समाचार चैनल के पत्रकार प्रकाश सिंह को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. अब तक इस मामले में चार लोगों की गिरफ़्तारी हो चुकी है.
पुलिस का आरोप है कि संवाददाता ने एक व्यवसायी और एक महिला पत्रकार रश्मि सिंह के साथ मिलकर पूरे मामले में षड्यंत्र के तहत शिक्षिका को फँसाया और इसके लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया.
पुलिस ने पत्रकार प्रकाश सिंह को आपराधिक षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी करने और झूठे सबूत बनाने के आरोप में गिरफ़्तार किया है.
जबकि इस मामले में उनका साथ देने वाली महिला पत्रकार को पहले ही गिरफ़्तार कर लिया गया था. फिलहाल15 सितंबर तक वह न्यायिक हिरासत में हैं.
ग़ौरतलब है कि गत 30 अगस्त को एक निजी चैनल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में सर्वोदय कन्या विद्यालय की एक शिक्षिका पर छात्राओं की अश्लील फ़िल्म बनाने का दावा किया था.
इसके बाद छात्राओं के अभिभावकों और गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया था. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को कई बार लाठीचार्ज करना पड़ा और आँसू गैस के गोले दागने पड़े थे.
पुलिस ने स्टिंग ऑपरेशन में दिखाई गई शिक्षिका को गिरफ़्तार कर लिया था जबकि शिक्षा विभाग ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया था.
बाद में पुलिस ने जाँच में पाया कि स्टिंग ऑपरेशन में दिखाई गई छात्रा एक स्वतंत्र पत्रकार हैं. इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र रचने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के आरोप में गिरफ़्तार किया था.
पुलिस का आरोप है कि एक व्यवसायी वीरेंद्र अरोड़ा ने पैसो को लेकर शिक्षिका से विवाद होने के बाद संवाददाता के साथ मिलकर स्टिंग ऑपरेशन की भूमिका रची और महिला पत्रकार के साथ मिलकर इसे अंजाम दिय गया.
पुलिस ने इस मामले में शिक्षिका के बाद व्यवसायी को भी गिरफ़्तार किया था और उनसे पूछताछ के बाद ही जाँच आगे बढ़ी थी.