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शुक्रवार, 07 सितंबर, 2007 को 10:38 GMT तक के समाचार

मेमन परिवार के तीन सदस्यों को ज़मानत

वर्ष 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों के मुख्य अभियुक्त टाइगर मेमन के परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोगों को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अंतरिम ज़मानत दे दी है.

वर्ष 1993 में मुंबई में 12 बम धमाके हुए थे, जिनमें 257 लोग मारे गए थे.

न्यायमूर्ति अरिजित पसायत और न्यायमूर्ति पी सदाशिवम की खंडपीठ ने यूसुफ़ मेमन, ईसा मेमन और रूबीना मेमन को ज़मानत देने के साथ ही निर्देश दिया कि टाडा अदालत के फ़ैसले की प्रति प्राप्त होने के तत्काल बाद उन्हें समर्पण करना होगा.

इसके अलावा मुबीना भिवंडीवाला को भी अदालत ने फ़ैसले की प्रति आने तक राहत दे दी है. मुबीना पर आरोप था कि उन्होंने अपने घर को धमाकों की योजना बनाने के लिए इस्तेमाल होने दिया. उन्हें टाडा अदालत ने पाँच साल की सज़ा सुनाई थी.

फ़ैसले की प्रति

ग़ौरतलब है कि मुंबई बम धमाके के फ़ैसले की प्रति न तो अभियुक्तों को मिली है और न ही सीबीआई को मिल पाई है. इन तीनों ने इसी आधार पर अंतरिम ज़मानत देने की अपील की थी.

सर्वोच्च अदालत इसी आधार पर फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त को पहले ही ज़मानत दे चुकी है.

टाडा अदालत ने मेमन परिवार के चार सदस्यों को दोषी करार दिया था और तीन सदस्यों को बरी कर दिया था.

याकूब मेमन को फाँसी की सज़ा और ईसा, यूसुफ़ और रूबीना को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई थी. इस मामले में सुलेमान मेमन, हनीफ़ा मेमन और राहिला मेमनजिन को बरी कर दिया गया था.

याकूब का बड़ा भाई और धमाकों के मुख्य अभियुक्त टाइगर मेमन फ़रार हैं जबकि इसी परिवार के एक सदस्य अब्दुल रज्ज़ाक की मौत हो चुकी है.