गुरुवार, 06 सितंबर, 2007 को 20:41 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत प्रशासित राज्य जम्मू कश्मीर के मुख्य चरमपंथी गुटों के संगठन यूनाइटेड जेहाद काउंसिल (यूजेसी) ने कहा है कि यदि भारत सरकार की ओर से रमज़ान के महीने में संघर्षविराम का प्रस्ताव आता है तो वह इस पर विचार करने को तैयार है.
रमज़ान सितंबर के मध्य से शुरु हो रहा है.
श्रीनगर की एक समाचार एजेंसी केएनएस ने यूजेसी के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के हवाले से कहा है, "यदि रमज़ान से पहले संघर्षविराम का गंभीर और वास्तविक प्रस्ताव आता है तो चरमपंथी नेतृत्व इस प्रस्ताव पर विचार करेगा और परिस्थितियों के अनुरुप इसका जवाब दिया जाएगा."
उनका कहना है कि भारत सरकार की ओर से अब तक चरमपंथियों को संघर्ष विराम का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है.
यूजेसी के प्रमुख का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कुछ उदारवादी अलगाववादी दलों ने माँग की है कि भारत सरकार को चाहिए कि वह रमज़ान के महीने में एकतरफ़ा संघर्षविराम की घोषणा कर दे.
हालांकि एक वरिष्ठ मंत्री मंगतराम शर्मा ने पिछले शनिवार संघर्षविराम की किसी संभावना से इनकार किया था और कहा था कि यदि चरमपंथी भी संघर्षविराम नहीं करते हैं तो इससे और अधिक मौतें होंगीं.
हालांकि उन्होंने कहा था कि यदि चरमपंथियों की ओर से संघर्षविराम का कोई प्रस्ताव आता है तो भारत सरकार सकारात्मक जवाब देगी.