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गुरुवार, 06 सितंबर, 2007 को 19:25 GMT तक के समाचार

ममता बैनर्जी ने एनडीए से नाता तोड़ा

पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बैनर्जी ने भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से नाता तोड़ने की घोषणा की है.

कोलकाता में मदरसा के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अब हम किसी के साथ नहीं हैं और अब अपने आप खड़ा होने की कोशिश कर रहे हैं."

उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस एनडीए का एक अहम घटक था और ममता बैनर्जी इस गठबंधन में रहते हुए केंद्रीय मंत्री भी रहीं.

लेकिन गुरुवार को उन्होंने सफ़ाई देते हुए कहा कि एनडीए में रहते हुए भी उन्होंने कभी अल्पसंख्यकों के साथ विश्वासघात नहीं किया.

ममता बैनर्जी पिछले विधानसभा चुनाव के समय से ही भाजपा से एक दूरी बनाई रखी है.

तृणमूल कांग्रेस ने हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भी एनडीए के उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया था और चुनाव में मतदान न करने का निर्णय लिया था. इसके अलावा पार्टी ने यह भी साफ़ नहीं किया था कि उसने उपराष्ट्रपति चुनाव में किसके लिए मतदान किया था.

पश्चिम बंगाल में 27 प्रतिशत की आबादी वाले अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश करते हुए ममता बैनर्जी ने कहा, "हम टाडा के ख़िलाफ़ लड़े, हमने पोटा के ख़िलाफ़ संघर्ष किया और जब गुजरात में दंगे हुए तो हमने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफ़ा भी माँगा था."

तृणमूल कांग्रेस के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य की भाजपा इकाई ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से अल्पसंख्यकों को अपनी ओर लाने की कोशिश कर रही है इसलिए यह स्वाभाविक है कि मदरसा छात्रों की एक सभा में ममता बैनर्जी ने यह महत्वपूर्ण राजनीतिक घोषणा की.

कांग्रेस की राज्य इकाई ने तृणमूल कांग्रेस के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि अब दोनों दल हाथ मिला सकेंगे और आने वाले चुनावों के लिए गठबंधन बना सकेंगे.

सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व कर रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है.