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परमाणु समझौते पर संसद में हंगामा

भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए ने गुरुवार की सुबह संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चलने दी.

एनडीए सदस्य समझौते पर विचार के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित किए जाने और बहस पर मतदान कराए जाने की मांग कर रहे थे.

ग़ौरतलब है कि परमाणु समझौते पर गुरुवार को राज्यसभा में दोपहर बाद चर्चा होनी थी जो नहीं हो पाई और लोकसभा में इस विषय पर सोमवार को चर्चा होगी.

लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई एनडीए सदस्य अपनी सीटों से खड़े होकर जेपीसी के गठन की माँग करने लगे.

लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सदस्यों से अपील की और कहा कि हर दिन यह मामला नहीं उठाया जा सकता.

उन्होंने उत्तेजित सदस्यों से आग्रह किया कि वे प्रश्नकाल को चलने दें. लेकिन एनडीए सदस्य इससे शांत नहीं हुए और 'वी वांट जेपीसी' के नारे लगाते रहे.

सुबह लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद जब दो बजे दोबारा शुरु हुई तो विपक्ष ने फिर हंगामा किया और कार्यवाही नहीं चल सकी.

राज्यसभा में भी हंगामा

इसी तरह का दृश्य राज्यसभा में भी नज़र आया. भाजपा नेता सुषमा स्वराज का कहना था कि विपक्ष के नेता जसवंत सिंह को इस मुद्दे पर अपनी बात कहने की अनुमति नहीं दी गई.

दूसरी ओर भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने सदन में इस पर जेपीसी गठित करने की माँग उठाई.

हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित कर दी गई.

एनडीए की मांग

भाजपा नेता वीके मल्होत्रा का कहना था कि एनडीए की तीन मांगें हैं.

एक तो भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया जाए, दूसरे दोनों सदनों में इस पर बहस के बाद मतदान हो.

तीसरे परमाणु समझौते को लेकर गठित यूपीए-वाम दलों की समिति को भंग किया जाए.

सरकार इस मुद्दे पर जेपीसी के गठन की माँग पहले भी नामंजूर कर चुकी है.