मंगलवार, 04 सितंबर, 2007 को 09:05 GMT तक के समाचार
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए आख़िर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदॉस ने अख़िल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के छात्रों की डिग्रियों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार अंबुमणि रामदॉस ने उन 49 छात्रों की डिग्रियों पर हस्ताक्षर किए हैं जिन्हें अपनी डिग्रियों की तत्काल ज़रुरत थी.
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री रामदॉस इन डिग्रियों पर हस्ताक्षर के लिए तैयार नहीं थे क्योंकि उनका कहना था कि एम्स के रजिस्ट्रार संदीप अग्रवाल की नियुक्ति अवैधानिक है.
एम्स के रेज़ीडेंट डॉक्टर्स इस मामले को लेकर हड़ताल पर चले गए थे और दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए हड़ताल को ख़त्म करवाने के आदेश दिए थे.
दिल्ली हाईकोर्ट ने ही सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को निर्देश दिए थे कि वे 24 घंटों के भीतर डिग्रियों पर हस्ताक्षर करें.
आख़िर अंबुमणि रामदॉस ने उन डिग्रियों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जिसमें रजिस्ट्रार संदीप अग्रवाल के भी हस्ताक्षर हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि चूँकि मंत्री रामदॉस चेन्नई में थे इसलिए डिग्रियों को हस्ताक्षर के लिए वहाँ भेजा गया था.
हालांकि अदालत ने अपने आदेश में साफ़ कर दिया था कि डिग्रियों पर हस्ताक्षर करने के आदेश का रजिस्ट्रार के विवाद से कोई लेना देना नहीं है.
दरअसल संदीप अग्रवाल की रजिस्ट्रार की तरह नियुक्ति की एम्स के गवर्निंग बॉडी ने पुष्टि नहीं की है. एम्स ने अदालत को सूचित किया है कि पाँच सितंबर को होने वाली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा.