मंगलवार, 04 सितंबर, 2007 को 12:52 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में दो धमाके हुए हैं जिनमें 25 लोग मारे गए हैं और इसमें कम से कम 66 लोग घायल हुए हैं.
सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल वहीद अरशद ने कहा, "ये आतंकवाद है क्योंकि धमाकों में मासूम लोग मारे गए हैं."
पहला धमाका रावलपिंडी के कैंट इलाक़े में एक बस में हुआ जिसमें 15 लोग मारे गए.
पुलिस का कहना है कि इस बस में रक्षा विभाग के कर्मचारी थे और उन्हें दफ़्तर ले जाया जा रहा था. इस धमाके से बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इससे आसपास के कुछ लोगों को भी चोटें आईं हैं.
इसके थोड़ी देर बाद दूसरा धमाका रावलपिंडी के फ़ौजी इलाक़े के एक बाज़ार में हुआ.
विस्फोट
समाचार एजेंसी रॉयटर का कहना है कि ये धमाका एक मोटरसाइकिल में बंधे विस्फोटक की मदद से कराया गया.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले धमाके में बस पूरी तरह नष्ट हो गई.
एक प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद ताहिर ने एएफ़पी को बताया, "पहले मुझे ज़ोर के धमाके आवाज़ सुनाई दी, इसके बाद क्षतिग्रस्त बस नज़र आई. सड़क के चारों ओर शरीर के टुकड़े पड़े हुए थे और ख़ून फैला हुआ था.''
टीवी तस्वीरों में बचाव और राहत कर्मी बस में से घायलों को निकालने की कोशिश करते नज़र आ रहे थे.
उल्लेखनीय है कि रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय स्थित है.
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान में जुलाई में इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में इस्लामी कट्टरपंथियों और सुरक्षा बलों के बीच हुए संघर्ष के बाद सेना पर हमले बढ़ गए हैं. उन झड़पों में सौ से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
ये धमाके ऐसे समय हुए हैं जब पाकिस्तान में राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल है. दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों नवाज़ शरीफ़ और बेनज़ीर भुट्टो ने पाकिस्तान वापस आने की बात कही है.