रविवार, 02 सितंबर, 2007 को 22:12 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश में पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना पर अपने कार्यकाल के दौरान रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया है. उन पर कई अन्य मामले चल रहे हैं.
बांग्लादेश में भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने शेख़ हसीना पर एक निजी बिजली कंपनी से अवैध तरीके से चार लाख 35 हज़ार डॉलर की राशि लेने का आरोप लगाया है.
आयोग का कहन है कि मामला वर्ष 1996 से 2000 के बीच का है जब शेख़ हसीना सत्ता में थीं. इस मामले में छह अन्य लोगों कि ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया गया है.
हालाँकि आयोग ने इस मामले के पक्ष में कोई भी ब्योरा देने से इनकार कर दिया.
आवामी लीग की नेता हसीना पर ज़बरन वसूली और हत्या जैसे कई अन्य मामले चल रहे हैं. उन्हें जुलाई में पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था.
ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी सरकारी एजेंसी ने उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया हो.
सेना के समर्थन से बनी अंतरिम सरकार ने देश से भ्रष्टाचार ख़त्म करने की प्रतिबद्धता जताई है.
अंतरिम सरकार के शासनकाल में 150 से अधिक नेता गिरफ़्तार किए जा चुके हैं और राजनीतिक गतिविधियों पर कई तरह की बंदिशें लगई हुई हैं.
शेख़ हसीना के समर्थकों का आरोप है कि उन्हें फिर प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं.
अर्ज़ी ख़ारिज़
बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के फ़ैसले को उलटते हुए देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ज़मानत की अर्ज़ी ख़ारिज कर दी है.
एक निचली अदालत ने पिछले महीने अपने फ़ैसले में कहा था कि शेख हसीना को हिरासत से मुक्त किया जाना चाहिए.
शेख हसीना के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को 'झटका' बताया और कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि शेख हसीना को जल्द रिहा किया जाएगा.
अवामी लीग की नेता शेख हसीना को जुलाई के मध्य में देश में फिलहाल लागू आपातकाल के नियमों के तहत गिरफ़्तार किया गया था.