नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, राजस्थान
चिंकारा शिकार मामले में जोधपुर हाई कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद फ़िल्म अभिनेता सलमान ख़ान जेल से रिहा हो गए हैं. वे शनिवार से जोधपुर जेल में थे.
सलमान ख़ान को पिछले सप्ताह जोधपुर के सत्र न्यायालय ने संरक्षित जाति के हिरण, चिंकारा के शिकार मामले में दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था.
सलमान को मिली पाँच वर्ष की क़ैद की सज़ा के ख़िलाफ़ उनके वकीलों ने जोधपुर हाईकोर्ट में अपील की थी जिसपर सुनवाई के बाद शुक्रवार को उनकी ज़मानत मंज़ूर कर दी गई है.
शुक्रवार को जोधपुर हाईकोर्ट में सलमान ख़ान की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई देर से शुरू हो सकी क्योंकि कई स्थानीय वकील शुक्रवार को हड़ताल पर थे और वे इस सुनवाई का विरोध कर रहे थे.
सुनवाई
वकीलों का कहना था कि स्थानीय अदालत में शुक्रवार को हड़ताल घोषित है. इस स्थिति में किसी भी मामले की सुनवाई नहीं हो सकती है.
इसपर सलमान ख़ान के वकीलों ने बार एसोसिएशन में लिखित प्रार्थना की कि वे जोधपुर बार एसोसिएशन के अंतर्गत नहीं आते इसलिए उन्हें अदालत में जाने से न रोका जाए.
जोधपुर हाईकोर्ट के वकीलों की ओर से हर महीने के आख़िरी दिन प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर हड़ताल रहती है.
इसकी वजह है हाईकोर्ट की एक बेंच का जोधपुर से जयपुर भेजा जाना. वकील पिछले कई महीनों से इस प्रकार अपना विरोध व्यक्त करते आ रहे हैं.
सलमान के दो वकीलों में से एक दिल्ली से हैं और दूसरे मुंबई से. एक स्थानीय वकील इन लोगों की मदद कर रहे हैं.