शुक्रवार, 31 अगस्त, 2007 को 17:05 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के सूचना मंत्री मोहम्मद अली दुर्रानी का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की प्रस्तावित स्वदेश वापसी पर सरकार ने सभी विकल्प खुले रखे हैं.
निर्वासित जीवन जी रहे नवाज़ शरीफ़ ने दस सितंबर को पाकिस्तान लौटने की घोषणा की है.
एक और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की माँग है कि जनरल मुशर्रफ़ के साथ सत्ता साझीदारी के लिए उन्होंने जो शर्तें रखी हैं, उन पर इस हफ़्ते के अंत तक उन्हें जवाब मिल जाए.
जनरल मुशर्रफ़ चाहते हैं कि मौजूदा संसद ही उन्हें दोबारा राष्ट्रपति निर्वाचित कर दे.
इस बीच गुरुवार को अमरीका ने कहा कि जनरल मुशर्रफ़ को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से पहले वर्दी छोड़ देनी चाहिए जैसा कि उन्होंने पहले कहा था.
क़ानूनी धक्का
नवाज़ शरीफ़ जनरल मुशर्रफ़ के शासन को चुनौती देते रहे हैं. उन्हें इसी महीने पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान लौटने की इजाज़त दे दी थी.
लेकिन इस फ़ैसले के बाद भी इस तरह की ख़बरें आ रही हैं कि स्वदेश वापसी के बाद उनके ख़िलाफ़ पुराने मामले फिर से खोले जा सकते हैं.
इस मुद्दे पर पाकिस्तानी सूचना मंत्री मोहम्मद अली दुर्रानी ने बीबीसी को बताया, "नवाज़ शरीफ़ की वापसी पर सरकार ने अपने सभी विकल्प खुले रखे हैं. अगर वो वापस लौटते हैं, तो हम रणनीति बनाएंगे."
पर्यवेक्षकों का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ पाकिस्तान लौटते हैं तो उन्हें फिर जेल जाना पड़ सकता है.
उधर नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि वो 'तानाशाही के ख़िलाफ़ निर्णायक संघर्ष' की योजना बना रहे हैं.
उन्होंने जनरल मुशर्रफ़ से वर्दी छोड़ने के साथ-साथ राष्ट्रपति के पद से इस्तीफ़ा देने की भी माँग की है.
उन्होंने ये भी कहा है कि अगर बेनज़ीर भुट्टो राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के साथ साझीदारी करती हैं तो यह 'दुर्भाग्यपूर्ण' होगा.
स्थिति स्पष्ट नहीं
पाकिस्तानी अख़बारों का कहना है कि बेनज़ीर और मुशर्रफ़ के बीच सत्ता साझीदारी पर चल रही बातचीत अटक गई है.
बेनज़ीर भुट्टो ने पहले कहा था कि वह समझौते के क़रीब हैं लेकिन सरकारी अधिकारियों का कहना है कि कई मुख्य बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई है.
इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि एक समस्या संसद और राष्ट्रपति के बीच शक्ति संतुलन को लेकर है.
बेनज़ीर चाहती हैं कि संसद को भंग करने का अधिकार राष्ट्रपति से वापस ले लिया जाए.