गुरुवार, 30 अगस्त, 2007 को 02:36 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
चिंकारा शिकार मामले में फ़िल्म अभिनेता सलमान खा़न की ज़मानत याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी.
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एचआर पवार ने कहा कि जब तक निचली अदालत से मामले से संबंधित सारे रिकॉर्ड उन्हें नहीं मिल जाते, तब तक ज़मानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती.
हालाँकि सलमान ख़ान के वकीलों ने अदालत से अपील की थी कि प्राथमिकता के आधार पर इस मामले की सुनवाई की जाए लेकिन अदालत ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया.
अब इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होगी.
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी सलमान ख़ान की अर्ज़ी पर जल्दी सुनवाई करने की माँग की थी. वकीलों का कहना है कि मामला फ़िल्म स्टार से जुड़ा होने के कारण अदालत में काफी भीड़ जमा हो जाती है जिससे सामान्य कामकाज प्रभावित होता है.
सुनवाई में देरी
उनकी ज़मानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई होने की उम्मीद थी लेकिन न्यायाधीश जीके व्यास ने इस मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया था.
उनका कहना था कि वह एक बार इसी मामले में पशुपालन विभाग की ओर से मामले की पैरवी कर चुके हैं इसलिए उनकी अदालत में इस मामले की सुनवाई करना ठीक नहीं होगा.
इसके बाद यह मामला रजिस्ट्रार को लौटा दिया गया और फिर इसे न्यायमूर्ति एचआर पवार की अदालत में भेजा गया.
मामला
सलमान ख़ान 1998 में 'हम साथ-साथ हैं' फ़िल्म की शूटिंग के दौरान दुर्लभ प्रजाति के हिरण चिंकारा का शिकार करने के दोषी पाए गए थे.
निचली अदालत ने सलमान को पाँच साल की सज़ा सुनाई थी जिसे सत्र न्यायालय ने बरक़रार रखा था.
सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने 25 अगस्त को जिला एवं सत्र न्यायालय के फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में ज़मानत और पुनर्निरीक्षण याचिकाएं पेश की थीं.